पावटा उपखंड क्षेत्र के बुचारा गांव में बुधवार को श्री खेड़ा के भोमिया जी महाराज के विशाल मेले एवं भंडारे में शामिल होने जा रहे श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ बड़ा हादसा हो गया। चांदौड़ी की ढाणी से प्रतिवर्ष की भांति श्रद्धालु पैदल ध्वज-पताका लेकर श्री खेड़ा के भोमिया जी महाराज के दरबार में पताका चढ़ाने जा रहे थे।

इसी दौरान चांदौड़ी की ढाणी से करीब एक किलोमीटर आगे पहुंचते ही झांकी वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली के अचानक ब्रेक फेल हो गए। बेकाबू ट्रैक्टर आगे चल रहे पैदल श्रद्धालुओं को टक्कर मारता हुआ आगे निकल गया। अचानक हुए हादसे से श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों की मदद में जुट गए।

हादसे की सूचना किसी परिचित से मिलने पर पशुधन निरीक्षक गोविंद भारद्वाज भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने एम्बुलेंस चालक अनिल बादशाह की मदद से घायलों को पावटा के राजकीय उपजिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया।

राजकीय उपजिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. धर्मेश कुमार यादव ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 2 बजे कुछ महिलाएं और बच्चे घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचे। घायलों से बातचीत में पता चला कि वे चांदौड़ी की ढाणी से पैदल बुचारा स्थित श्री खेड़ा के भोमिया जी महाराज के दरबार में ध्वज-पताका चढ़ाने जा रहे थे।

इसी दौरान श्रद्धालुओं के साथ चल रहे ट्रैक्टर के ब्रेक फेल होने से आगे चल रहे श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद करीब आठ घायलों को पावटा अस्पताल लाया गया। इनमें टसकौला निवासी 79 वर्षीय अक्षिता, चांदौड़िया निवासी 25 वर्षीय मनीषा देवी और एक बच्चा शामिल है।

चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को जयपुर रेफर कर दिया। वहीं ज्योति (30) पत्नी शंकर योगी, खामोश (30) पत्नी किशन योगी, सुशीला देवी (50) पत्नी बनवारी लाल योगी और सपना देवी का पावटा राजकीय उपजिला अस्पताल में उपचार जारी है।

हादसे की जानकारी मिलते ही घायलों के परिजन भी पावटा अस्पताल पहुंच गए। वहीं घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी अस्पताल पहुंचे और घायलों की मदद में जुटे रहे। ग्रामीणों ने घायलों और उनके परिजनों का हौसला बढ़ाया तथा उपचार के दौरान आवश्यक सहयोग किया।

श्री खेड़ा के भोमिया जी महाराज के मेले में ध्वज-पताका चढ़ाने के लिए श्रद्धालु उत्साह के साथ पैदल रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में हुए अचानक हादसे से पूरे जत्थे में हड़कंप मच गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।

गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का पावटा अस्पताल में उपचार जारी रहा।