पावटा-प्रागपुरा नगरपालिका को नई चेयरमैन मीना सैनी के रूप में नया नेतृत्व मिला है। सोमवार को हुए चुनाव में जीत के बाद अब उनके सामने विस्तारित नगरपालिका क्षेत्र की जरूरतों को समझने और सभी वार्डों में विकास कार्यों को गति देने की बड़ी जिम्मेदारी है। नगरपालिका क्षेत्र के विस्तार के साथ कार्यक्षेत्र भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में प्रत्येक वार्ड की स्थानीय समस्याओं को समझकर प्राथमिकता तय करना नई चेयरमैन के लिए महत्वपूर्ण होगा।

नगरपालिका क्षेत्र में सड़क, पेयजल, नाली एवं जल निकासी, सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रमुख मुद्दे हैं। इसके साथ ही विस्तारित क्षेत्र में शामिल गांवों में भी नगरपालिका स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण कार्य रहेगा। आमजन की अपेक्षा है कि नई बोर्ड व्यवस्था में वार्डवार समस्याओं का सर्वे कराकर जरूरत के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।

पावटा-प्रागपुरा नगरपालिका के गठन का सफर स्थानीय निकाय व्यवस्था में बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पूर्व में पावटा और प्रागपुरा जैसे दो बड़े कस्बों को मिलाकर नगरपालिका का स्वरूप तैयार किया गया था। उस समय उर्मिला अग्रवाल पावटा की सरपंच तथा अशोक कुमार सैनी प्रागपुरा के सरपंच थे। वहीं कुनेड़ के सरपंच नरपत सिंह की अनुशंसा पर तत्कालीन विधायक इन्द्रराज गुर्जर के प्रयासों से कुनेड़ को भी नगरपालिका क्षेत्र में शामिल किया गया था।

नगरपालिका की नई शुरुआत के दौर में उर्मिला अग्रवाल को चेयरमैन तथा अशोक कुमार सैनी और नरपत सिंह को उप चेयरमैन की जिम्मेदारी मिली थी। उस समय तीनों क्षेत्रों के वार्ड पंचों को नगरपालिका में वार्ड पार्षद के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी। बाद के वर्षों में नगरपालिका क्षेत्र का विस्तार हुआ और अब पहली बार नियमित चुनाव प्रक्रिया के तहत पार्षदों के मतदान से चेयरमैन का निर्वाचन हुआ है।
नवनिर्वाचित चेयरमैन मीना सैनी प्रागपुरा निवासी कैलाश चंद सैनी (बिड़ला) की पुत्रवधू और कांग्रेस जिला महासचिव अजय सैनी की पत्नी हैं। उनके परिवार का क्षेत्र की सामाजिक गतिविधियों और स्थानीय सार्वजनिक जीवन से पुराना जुड़ाव रहा है। उनके ससुर कैलाश चंद सैनी उस दौर में प्रागपुरा के उपसरपंच भी रहे हैं। वहीं उनकी सास मामली देवी प्रागपुरा में तीन बार सरपंच रह चुकी हैं। परिवार की इस स्थानीय पृष्ठभूमि के कारण पंचायत से लेकर नगरपालिका तक की व्यवस्था को नजदीक से देखने का अनुभव परिवार के पास रहा है।
मीना सैनी 12वीं तक शिक्षित और गृहिणी रही हैं। अब पहली बार उन्हें सीधे जनता के बीच चेयरमैन के रूप में बड़ी सार्वजनिक जिम्मेदारी निभानी होगी। विस्तृत नगरपालिका क्षेत्र में उन्हें विभिन्न वार्डों का दौरा कर स्थानीय समस्याओं, विकास की जरूरतों और नागरिक सुविधाओं की स्थिति को समझना होगा।
इस बार चेयरमैन पद के लिए महिला सामान्य सीट रही और चुनाव प्रक्रिया के बाद मीना सैनी इस पद पर निर्वाचित हुईं। ऐसे में पावटा-प्रागपुरा नगरपालिका में महिला नेतृत्व को नई जिम्मेदारी मिली है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नई चेयरमैन विस्तारित नगरपालिका क्षेत्र में विकास की प्राथमिकताएं किस तरह तय करती हैं और अलग-अलग वार्डों की समस्याओं के समाधान के लिए किस प्रकार कार्य योजना तैयार करती हैं।
मीना सैनी ने जीत के बाद कहा था कि जनता और पार्षदों ने जिस विश्वास के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, उस विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सड़क, नाली, सफाई, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता देने तथा सभी वार्डों में विकास कार्य कराने की बात कही थी।
अब उनके सामने चुनाव जीतने के बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की अपेक्षाओं को विकास कार्यों में बदलने और विस्तारित नगरपालिका क्षेत्र को एक समान सुविधाएं उपलब्ध कराने की रहेगी।