विज्ञान ज्योति फेज-VII के तहत छात्राओं का जयपुर दौरा

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पावटा की विज्ञान ज्योति छात्राओं के लिए मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी), जयपुर का शैक्षणिक भ्रमण ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी रहा। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विज्ञान ज्योति योजना के फेज-VII के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई।

विज्ञान ज्योति फेज-VII के तहत छात्राओं का जयपुर दौरा
विज्ञान ज्योति फेज-VII के तहत छात्राओं का जयपुर दौरा

विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संजू जोशी के मार्गदर्शन में हुए इस भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षण संस्थानों के वातावरण से परिचित कराना और विज्ञान तथा इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना था। भ्रमण के दौरान छात्राओं ने एमएनआईटी जयपुर की आधुनिक प्रयोगशालाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और अनुसंधान से जुड़े कार्यों के बारे में जाना। छात्राओं ने वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकी नवाचारों के प्रति उत्सुकता दिखाई।

विज्ञान ज्योति फेज-VII के तहत छात्राओं का जयपुर दौरा
विज्ञान ज्योति फेज-VII के तहत छात्राओं का जयपुर दौरा

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक उपयोगों को समझने का अवसर मिला। इस अनुभव ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित यानी एसटीईएम विषयों के प्रति उनकी रुचि को प्रोत्साहित किया। ऐसे भ्रमण छात्राओं को पारंपरिक अध्ययन से आगे बढ़कर अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी क्षेत्रों में भविष्य तलाशने के लिए प्रेरित करते हैं।

विज्ञान ज्योति फेज-VII के तहत छात्राओं का जयपुर दौरा
विज्ञान ज्योति फेज-VII के तहत छात्राओं का जयपुर दौरा

कार्यक्रम के संचालन में विज्ञान ज्योति प्रभारी एवं भौतिक विज्ञान व्याख्याता श्रीमती मोनिका और मनोज कुमार शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। भ्रमण के दौरान सीकर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय की श्रीमती निशा यादव, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढाणी गैसकान की सुश्री हिमांशु खंडेलवाल तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भैंसलाना के दाताराम यादव भी मौजूद रहे।

विद्यालय स्तर पर आयोजित इस पहल से छात्राओं को उच्च शिक्षा के विकल्पों और विज्ञान आधारित करियर की दिशा में मार्गदर्शन मिला। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। यह भ्रमण छात्राओं के शैक्षणिक विकास, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भविष्य की तैयारी की दिशा में उपयोगी साबित हुआ।

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