श्रवण कुमार की सेवा व दशरथ वियोग प्रसंग से भावुक हुए दर्शक

माता-पिता की सेवा, पारिवारिक कर्तव्य और मर्यादा का संदेश देती रामलीला ने शनिवार रात्रि को पावटा में दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। शिशु वाटिका के सामने आयोजित आदर्श रामलीला मंडल के मंच पर श्रवण कुमार के नाटक और राजा दशरथ के मरण का मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया गया। श्रवण कुमार की अपने माता-पिता के प्रति निष्ठा और सेवा भाव को देखकर दर्शकों ने भावनात्मक जुड़ाव महसूस किया।

श्रवण कुमार की सेवा व दशरथ वियोग प्रसंग से भावुक हुए दर्शक
श्रवण कुमार की सेवा व दशरथ वियोग प्रसंग से भावुक हुए दर्शक

रामलीला के दौरान भगवान श्रीराम का निषाद राज से मिलन और फिर भारद्वाज ऋषि के आश्रम पहुंचने के प्रसंगों का मंचन भी किया गया। कलाकारों ने प्रभावशाली संवादों और अभिनय के जरिए धार्मिक कथाओं को सजीव रूप दिया। इन प्रसंगों में त्याग, भक्ति, सेवा और आदर्श जीवन मूल्यों को प्रमुखता से दर्शाया गया। मंचन में व्यास पीठ से योगेश शर्मा चौपाइयों का वाचन कर रहे हैं।

श्रवण कुमार की सेवा व दशरथ वियोग प्रसंग से भावुक हुए दर्शक
श्रवण कुमार की सेवा व दशरथ वियोग प्रसंग से भावुक हुए दर्शक

भगवान श्रीराम की भूमिका लक्की भारद्वाज, माता सीता की भूमिका तनुज शर्मा, लक्ष्मण की भूमिका शुभम शर्मा और राजा दशरथ की भूमिका महेश पारीक निभा रहे हैं। रामलीला का निर्देशन मोहन गौड़ कर रहे हैं। मंडल अध्यक्ष योगेश शर्मा हैं, जबकि उपाध्यक्ष के रूप में नरेंद्र गौड़, सोनू अग्रवाल, सावर बोहरा, दीपक पटेल और रामशरण बोहरा आयोजन में सहयोग दे रहे हैं। विकास पुजारी और ललित शर्मा कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

श्रवण कुमार की सेवा व दशरथ वियोग प्रसंग से भावुक हुए दर्शक
श्रवण कुमार की सेवा व दशरथ वियोग प्रसंग से भावुक हुए दर्शक

आदर्श रामलीला मंडल का उद्देश्य रामायण के प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय पारिवारिक संस्कारों को जन-जन तक पहुंचाना है। श्रवण कुमार की कथा माता-पिता के प्रति कर्तव्य का संदेश देती है, वहीं रामायण के अन्य प्रसंग मर्यादा और समर्पण की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर सुभाष तिलावत, गुड्डू गुप्ता, मनोज जांगिड़, प्रीतम, अरविंद, हनु जोशी, सुशील शर्मा, मनीष कुमावत, सावर बोहरा और विक्की सैन सहित मंडल के कार्यकर्ता एवं अन्य उपस्थित रहे।

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