टसकोला की पहाड़ी पर आस्था की ज्योत जगा रहा जीण माता मंदिर

अरावली पर्वतमाला की गोद में बसे टसकोला गांव की पहाड़ी पर स्थित जीण माता मंदिर क्षेत्र में श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख धाम माना जाता है। पहाड़ी पर बना यह भव्य दो मंजिला मंदिर 80 पिलरों पर खड़ा है। मंदिर की स्थापत्य विशेषता और शांत प्राकृतिक वातावरण यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराते हैं।

टसकोला की पहाड़ी पर आस्था की ज्योत जगा रहा जीण माता मंदिर
टसकोला की पहाड़ी पर आस्था की ज्योत जगा रहा जीण माता मंदिर

मंदिर के गर्भगृह में मां जीण की भव्य मूर्ति विराजमान है। यहां दो तेल तथा एक घी की अखंड ज्योतियां प्रज्वलित रहती हैं। मंदिर परिसर में प्राचीन शिवालय श्रद्धालुओं की आस्था का एक अन्य केंद्र है। इसके अलावा पहाड़ी के ऊपर काजल शिखर मंदिर भी स्थापित है, जो इस धार्मिक स्थल की महत्ता को और बढ़ाता है।

टसकोला की पहाड़ी पर आस्था की ज्योत जगा रहा जीण माता मंदिर
टसकोला की पहाड़ी पर आस्था की ज्योत जगा रहा जीण माता मंदिर

यहां हर महीने अष्टमी और नवमी के अवसर पर मां का जागरण किया जाता है तथा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन होता है। इस दौरान माता का चोला बदलकर आकर्षक शृंगार किया जाता है। नवरात्र के दिनों में मंदिर में भक्तों की विशेष भीड़ उमड़ती है। दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक परंपराओं और प्राकृतिक परिवेश से जुड़ा जीण माता मंदिर टसकोला गांव की विशिष्ट पहचान बना हुआ है।

टसकोला की पहाड़ी पर आस्था की ज्योत जगा रहा जीण माता मंदिर
टसकोला की पहाड़ी पर आस्था की ज्योत जगा रहा जीण माता मंदिर

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