प्रागपुरा पीएचसी में स्थायी डॉक्टर नियुक्ति की मांग, सौंपा ज्ञापन

नेशनल हाईवे-48 स्थित प्रागपुरा कस्बे के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की अनुपलब्धता का मामला अब मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं होने से मरीजों को उपचार के लिए अन्य अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। क्षेत्र की इस समस्या को लेकर पूर्व जिला पार्षद ललित गोयल ने जयपुर में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति की मांग उठाई।

प्रागपुरा पीएचसी में स्थायी डॉक्टर नियुक्ति की मांग, सौंपा ज्ञापन
प्रागपुरा पीएचसी में स्थायी डॉक्टर नियुक्ति की मांग, सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा ने मुख्यमंत्री के सचिव जितेंद्र सोनी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्वास्थ्य सचिव गायत्री राठौड़ के माध्यम से समन्वय स्थापित कर प्रागपुरा पीएचसी में चिकित्सक की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

प्रागपुरा पीएचसी में स्थायी डॉक्टर नियुक्ति की मांग, सौंपा ज्ञापन
प्रागपुरा पीएचसी में स्थायी डॉक्टर नियुक्ति की मांग, सौंपा ज्ञापन

ललित गोयल के अनुसार, प्रागपुरा की आबादी करीब 27 हजार है और यहां लगभग 10 हजार 200 मतदाता हैं। यह स्वास्थ्य केंद्र केवल कस्बे के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों से आने वाले मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण है। चिकित्सक के अभाव में मरीजों को सामान्य उपचार के लिए भी दूर जाना पड़ता है। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

क्षेत्रवासियों का मानना है कि पीएचसी में नियमित चिकित्सक की उपलब्धता होने से प्राथमिक स्तर पर उपचार मिल सकेगा और दूसरे अस्पतालों तक जाने की मजबूरी कम होगी। इसके लिए अब प्रशासनिक स्तर पर जल्द प्रभावी कदम उठाए जाने की अपेक्षा की जा रही है।

मौसम में बदलाव के साथ मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने और डेंगू जैसी बीमारियों की आशंका के बीच साफ-सफाई तथा मच्छर नियंत्रण गतिविधियां महत्वपूर्ण हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, प्रागपुरा एवं आसपास के क्षेत्रों में फॉगिंग, एंटी लार्वा अभियान और सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। चिकित्सा सेवाओं में लापरवाही को लेकर जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया गया है।

क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि अधिकारियों के स्तर पर दिए गए निर्देशों का शीघ्र पालन होगा और स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। लोगों की मांग है कि स्वास्थ्य सेवाओं और मौसमी बीमारियों की रोकथाम से जुड़े निर्देशों पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए।

फिलहाल स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति तथा फॉगिंग-सफाई संबंधी निर्देशों के क्रियान्वयन की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में क्षेत्र की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची मांग का स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं पर कब और कितना असर दिखाई देता है।

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