जल संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता के लिए लगातार अभियान चला रहे जल प्रहरी एवं पर्यावरणविद् दीप सिंह शेखावत ने अहमदाबाद में आयोजित दो दिवसीय ‘भारत डिस्कोर्सेज ऑन @ वाटर 2047’ (राष्ट्रीय जल विमर्श @ 2047) में सहभागिता कर जल संरक्षण का संदेश दिया। गुजरात सरकार की इकाई आई-हब अहमदाबाद में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर से जल विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों, जलवायु कार्यकर्ताओं, प्रकृति प्रेमियों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

विमर्श के दौरान दीप सिंह शेखावत ने जल संरक्षण, जल साक्षरता, जल नीति, जल अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और वर्षा जल संचयन जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने अपने ‘पानी-पेड़ आपके द्वार’ अभियान और नंगे पैर यात्रा के माध्यम से जल एवं पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।

शेखावत ने कहा कि जल और पेड़ प्रकृति के ऐसे महत्वपूर्ण घटक हैं, जिन्हें एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। जल स्रोतों के संरक्षण के लिए पेड़ लगाना और उनका संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने ‘पानी-पेड़ का भाईचारा’ स्थापित करने का आह्वान करते हुए कहा कि जल संरक्षण को केवल सरकारी योजनाओं का विषय न मानकर प्रत्येक व्यक्ति, परिवार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बनाया जाना चाहिए।

राष्ट्रीय जल विमर्श में पद्म भूषण अनिल प्रकाश जोशी, पद्मश्री उमाशंकर पांडे, पद्मश्री भारत भूषण त्यागी, पद्मश्री सेठपाल सिंह, पद्मश्री चेतराम, गुजरात प्रांत प्रचारक शैलेश भाई, पूर्व आईएएस उमाकांत उमराव, सेंटर फॉर वॉटर पीस के संजय कश्यप, उद्गम ट्रस्टी मयूर जोशी, हीरामण्य महंता, यूएनआईडीओ के डॉ. उमेश मेनन, वाटर पोर्टल के केसर भाई, आईआईटी दिल्ली के पिनाकी दास गुप्ता एवं दिलीप कुमार, जेएनयू के अश्वनी तिवारी, ‘ग्रीन मैन ऑफ इंडिया’ विजयपाल सिंह, स्वतंत्र पत्रकार निधि जामवाल, भारत भूषण गर्ग गढ़मुक्तेश्वर तथा पत्रकार अंशुल अंशु सहित देशभर से आए विशेषज्ञ एवं पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।

दो दिवसीय विमर्श में जल के वर्तमान एवं भविष्य की चुनौतियों पर मंथन करते हुए जल संरक्षण, जल संवर्धन, वर्षा जल संचयन, जल साक्षरता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को सतत विकास की आधारभूत आवश्यकता बताया गया। कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने तथा समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सामूहिक संकल्प व्यक्त किया।