पावटा के कवि कन्हैयालाल भ्रमर को वियतनाम में मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, सपत्नीक हुए सम्मानित

पावटा कस्बा निवासी वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि कन्हैयालाल भ्रमर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में 19 से 23 जून तक आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में उन्हें “वियतनाम सद्भावना सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया। वहीं उनकी धर्मपत्नी भगवती देवी को “वियतनाम मैत्री सम्मान-2026” प्रदान कर सम्मानित किया गया।

पावटा के कवि कन्हैयालाल भ्रमर को वियतनाम में मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, सपत्नीक हुए सम्मानित
पावटा के कवि कन्हैयालाल भ्रमर को वियतनाम में मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, सपत्नीक हुए सम्मानित

यह सम्मान अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति के अध्यक्ष एवं प्रख्यात साहित्यकार पंडित सुरेश नीरव तथा अन्य वरिष्ठ साहित्यकारों की उपस्थिति में प्रदान किया गया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह सम्मान मिलने से पावटा सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। विशेष आमंत्रण पर महोत्सव में शामिल हुए कवि कन्हैयालाल भ्रमर ने विश्व शांति, मानवीय सद्भाव, भाईचारे और वैश्विक एकता पर आधारित अपनी प्रभावशाली कविताओं का पाठ किया। उनके ओजपूर्ण एवं संवेदनशील काव्यपाठ को विभिन्न देशों से आए साहित्यकारों और श्रोताओं ने खूब सराहा।

पावटा के कवि कन्हैयालाल भ्रमर को वियतनाम में मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, सपत्नीक हुए सम्मानित
पावटा के कवि कन्हैयालाल भ्रमर को वियतनाम में मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, सपत्नीक हुए सम्मानित

सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस साहित्य महोत्सव में भारत सहित अनेक देशों के कवि, साहित्यकार, इतिहासकार, लेखक, चिंतक एवं सांस्कृतिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विश्व बंधुत्व, मानवाधिकार, साहित्य के बदलते स्वरूप, सांस्कृतिक संवाद और भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

इस अवसर पर जर्मनी के प्रतिष्ठित मैक्समूलर सम्मान से सम्मानित साहित्यकार पंडित सुरेश नीरव सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे चुनिंदा साहित्यकार भी उपस्थित रहे। कन्हैयालाल भ्रमर एवं उनकी धर्मपत्नी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मान को क्षेत्र के साहित्य और संस्कृति के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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