
ADM को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग
News Chakra @ kotputli. नगर परिषद क्षेत्र में अवैध शराब नेटवर्क को लेकर मामला अब खुलकर सामने आ गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एडीएम ओमप्रकाश सहारण के पास पहुंचे और एक गंभीर ज्ञापन सौंपते हुए साफ आरोप लगाए कि शहर में नियमों को दरकिनार कर शराब के गोदाम संचालित किए जा रहे हैं—और यह सब बिना मिलीभगत के संभव नहीं।

ज्ञापन के मुताबिक, राजस्थान आबकारी नियमों में साफ प्रावधान है कि शराब की दुकान और गोदाम के बीच न्यूनतम 100 मीटर की दूरी होनी चाहिए। लेकिन यहां स्थिति उलट दिखाई दे रही है। आरोप है कि जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षक, कोटपूतली की अनदेखी—या कहें संरक्षण—में गोदामों का जाल इस तरह फैला दिया गया है कि दूरी का नियम पूरी तरह अप्रासंगिक हो गया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिन गोदामों को केवल भंडारण के लिए लाइसेंस मिला हुआ है, वहां से खुलेआम शराब की बिक्री की जा रही है। यानी, नियमों के हिसाब से ‘स्टोरेज यूनिट’ कही जाने वाली जगहें अब बैकडोर शराब ठेकों में तब्दील हो चुकी हैं। यह न सिर्फ आबकारी एक्ट का सीधा उल्लंघन है, बल्कि राजस्व और कानून-व्यवस्था—दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन गोदामों के आसपास देर रात तक गतिविधियां चलती हैं, जिससे माहौल बिगड़ रहा है। कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कार्रवाई शून्य रही। ऐसे में अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह नेटवर्क अधिकारियों की जानकारी से बाहर है, या फिर सब कुछ जानते-बूझते नजरअंदाज किया जा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि नगर परिषद क्षेत्र में संचालित सभी अनियमित शराब गोदामों की तत्काल जांच कर उन्हें निरस्त किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो।
इस दौरान राजेश, अशोक, सुवालाल, टिंकू, रामनिवास, सुनील, जयसिंह, नरेंद्र सिंह, महेश सिंह, नरेश, दीपक, रोहिताश, किशोर और सुरेश सहित कई लोग मौजूद रहे।
अब मामला प्रशासन के पाले में है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह अवैध नेटवर्क आने वाले समय में और गहराई तक फैल सकता है—जिसके असर से शहर का सामाजिक ढांचा भी अछूता नहीं रहेगा।






