न्यूज़ चक्र, कोटपूतली। नौतपा के चौथे दिन कोटपूतली क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट लेकर लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी। बीती देर रात तेज अंधड़ के साथ हुई बारिश ने जहां तपती धरती को ठंडक पहुंचाई, वहीं खेतों से जुड़े लोगों के चेहरे पर चिंता की लकीरें भी साफ नजर आईं।
पिछले कई दिनों से क्षेत्र में पड़ रही तेज गर्मी और लू के थपेड़ों से आमजन बेहाल था। दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा छाया रहता था और लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर थे। ऐसे में रात को अचानक मौसम का बदला मिजाज लोगों के लिए राहत भरा साबित हुआ। तेज हवाओं और बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और सुबह का मौसम खुशनुमा नजर आया।

हालांकि, इस राहत के बीच किसानों की चिंता भी कम नहीं है। किसानों का मानना है कि नौतपा के दौरान पड़ने वाली तीखी धूप और गर्मी खेतों के लिए बेहद जरूरी होती है। यह समय प्राकृतिक रूप से भूमि की शुद्धि का माना जाता है, जिसमें गर्मी के प्रभाव से खेतों में मौजूद हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।
स्थानीय किसानों के अनुसार यदि नौतपा के पूरे नौ दिनों तक तेज गर्मी पड़े तो यह आगामी रबी फसल के लिए लाभकारी होता है। लेकिन इस बीच हुई बारिश ने इस प्राकृतिक प्रक्रिया को प्रभावित कर दिया है, जिससे आने वाले समय में फसलों पर कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बारिश के बाद शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में मौसम जरूर सुहावना हो गया है और लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली है, लेकिन किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। उन्हें चिंता है कि अगर मौसम इसी तरह बदलता रहा, तो उनकी मेहनत पर असर पड़ सकता है।
इस तरह नौतपा में आई यह राहत भरी बारिश आमजन के लिए जहां सुकून लेकर आई है, वहीं किसानों के लिए एक नई चिंता भी खड़ी कर गई है।
