पावटा – प्रागपुरा क्षेत्र में आस्था के साथ मनाई नाग पंचमी, शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

पावटा-प्रागपुरा नगरपालिका क्षेत्र सहित ग्रामीण अंचल में सोमवार को नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सुबह से ही क्षेत्र के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। महिलाओं ने नाग देवता की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, सुरक्षा एवं समृद्धि की कामना की। प्रागपुरा के बाबा रामदेव मंदिर, नृसिंह मंदिर, कृपाल दास की बगीची, किड़ारोद हनुमान मंदिर, पावटा के भूतनाथ मंदिर, सीताराम मंदिर, रानी सती मंदिर, श्याम मंदिर, बाबड़ी स्थित बालनाथ आश्रम तथा भूतेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।

पावटा - प्रागपुरा क्षेत्र में आस्था के साथ मनाई नाग पंचमी, शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
पावटा – प्रागपुरा क्षेत्र में आस्था के साथ मनाई नाग पंचमी, शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

प्रागपुरा गोपीनाथ मंदिर में भी महिलाओं ने विशेष पूजा की। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने घरों की दीवारों को गोबर से लीपकर शुद्ध किया और नाग-नागिन की आकृति बनाकर सिंदूर, पुष्प, लावा एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा कर नाग देवता की कथा सुनी तथा परिवार की खुशहाली की कामना की।

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पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं और युवतियों की मंदिरों में विशेष मौजूदगी रही। नाग पंचमी पर कई श्रद्धालुओं ने शिवालयों में रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना कराई। मान्यता के अनुसार कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए भी लोगों ने विशेष पूजन किया। ग्रामीण क्षेत्रों में नाग पंचमी से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं और लोकाचार का भी प्रभाव देखने को मिला।

पावटा - प्रागपुरा क्षेत्र में आस्था के साथ मनाई नाग पंचमी, शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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प्रागपुरा गोपीनाथ मंदिर के महंत मोहन लाल भागवती ने बताया कि नाग पंचमी सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है और इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं में नागों को दूध पिलाने के बजाय दूध से स्नान कराने की परंपरा का उल्लेख मिलता है, इसलिए लोगों को जीवों के प्रति संवेदनशील रहते हुए पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण का भी ध्यान रखना चाहिए।

सावन और नाग पंचमी के अवसर पर गांवों में झूलों का भी खासा उत्साह रहा। महिलाओं और बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। कई नवविवाहिताएं पहली बार नाग पंचमी पर मायके पहुंचीं और सहेलियों के साथ पर्व का आनंद लिया। घरों में पारंपरिक पकवान एवं मिठाइयां भी बनाई गईं। पर्व के चलते पावटा-प्रागपुरा क्षेत्र में दिनभर धार्मिक उल्लास और भक्तिमय माहौल बना रहा।

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