पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। राजस्थान में राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच पावटा उपखंड अधिकारी एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट डॉ. साधना शर्मा ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। मार्च 2026 में जिले कोटपूतली-बहरोड़ के राजस्व न्यायालयों में सर्वाधिक मामलों का निस्तारण कर पावटा न्यायालय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

इस उपलब्धि पर अभिभाषक संघ पावटा ने हर्ष व्यक्त करते हुए डॉ. साधना शर्मा को बधाई दी है। संघ अध्यक्ष एडवोकेट रामनिवास यादव ने जारी पत्र में कहा कि यह उपलब्धि न केवल न्यायालय की कार्यक्षमता को दर्शाती है, बल्कि आमजन को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है। संघ ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस उपलब्धि पर गर्व जताया।
दरअसल, राज्य सरकार द्वारा नए वित्तीय वर्ष से राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास द्वारा जारी निर्देशों के तहत न्यायालयों में प्रतिदिन न्यूनतम चार घंटे की अनिवार्य सुनवाई, तीन वर्ष से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता देने तथा 100 सबसे पुराने मामलों के त्वरित निस्तारण जैसे कदम लागू किए गए हैं।
राजस्थान में वर्तमान में करीब 1700 से अधिक राजस्व न्यायालयों में 10 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जिनमें लगभग साढ़े 7 लाख मामले लंबित हैं। इनमें सबसे अधिक पेंडेंसी एसडीओ कोर्ट में है। लंबित मामलों के प्रमुख कारणों में न्यायिक अधिकारियों की कमी, तकनीकी संसाधनों का अभाव, प्रक्रियागत जटिलताएं और अधिकारियों के बार-बार स्थानांतरण शामिल हैं।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने ऑनलाइन केस मैनेजमेंट सिस्टम, नियमित मासिक समीक्षा और सख्त निगरानी जैसे उपाय लागू किए हैं। साथ ही, नोटिस की समय पर तामील और रिकॉर्ड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पावटा में हासिल की गई यह उपलब्धि सरकार की मंशा के अनुरूप तेज गति से न्याय दिलाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, जिससे आमजन का विश्वास न्याय व्यवस्था में और मजबूत होगा।


