कस्बे के होली चौक स्थित प्रागपुरा में एक्सईएन कार्यालय के सामने भारत रत्न एवं संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य लीलाधर चन्द्रेश एवं जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में बाबा साहेब के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

इस अवसर पर लीलाधर चन्द्रेश ने बाबा साहेब के “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” के संदेश को दोहराते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो व्यक्ति के जीवन को हर दृष्टि से समृद्ध बनाती है, इसलिए हर अभिभावक का कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को शिक्षित बनाए।

सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार हाडिया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर केवल एक महान व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और नई चेतना के प्रतीक हैं। उन्होंने देश में व्याप्त सामाजिक असमानता, छुआछूत और जातिगत भेदभाव के खिलाफ संघर्ष कर शोषित एवं वंचित वर्गों को न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया। उनके द्वारा रचित संविधान और शिक्षा के प्रसार से ही देश में सामाजिक समानता की नींव मजबूत हुई है।

कार्यक्रम में जितेन्द्र यादव ने बाबा साहेब के सिद्धांतों पर चलने का आह्वान किया। वहीं अशोक मुलोदिया एवं महेश पार्टनर ने भी अपने विचार रखते हुए बाबा साहेब के आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

इस दौरान मुकेश कुमार मुसोदिया, ओमप्रकाश खाडिया, मनीष मुसोदिया, लक्की हाडिया, नरेश सैनी, अशोक हाडिया, जशवंत मुलोदिया, विक्रम मुलोदिया, विक्रम खाडिया, ओमप्रकाश ठेकेदार, कोमल मोरोडिया सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।


