पावटा कस्बे के घंटाघर स्थित प्राचीन श्री सीताराम मंदिर बुधवार को भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर हो उठा। सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारम्भ भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा और उत्साह के साथ नगर भ्रमण किया, जिससे पूरा कस्बा भक्ति रस में डूब गया।

कलश यात्रा घंटाघर स्थित श्री सीताराम मंदिर से प्रारम्भ होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से निकली और पुनः मंदिर पहुंचकर सम्पन्न हुई। यात्रा में शामिल महिलाएं पारंपरिक परिधानों में आकर्षक रूप से सुसज्जित नजर आईं। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं व्यापारियों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। राधा-कृष्ण की मनोहारी झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।

श्री गोपीनाथ मंदिर के महंत एवं आयोजन व्यवस्थापक पंडित मोहन लाल शर्मा ने बताया कि कथा सप्ताह का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार, सद्भावना और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। उन्होंने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित की जाएगी।

कथा का शुभारम्भ श्रीधाम वृंदावन के परम श्रद्धेय पंडित श्री कृष्ण शास्त्री ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। अपने प्रथम प्रवचन में उन्होंने कहा कि जिस प्रकार लक्ष्य प्राप्ति के लिए कठोर परिश्रम और तप आवश्यक है, उसी प्रकार ईश्वर की प्राप्ति के लिए सेवा, सत्संग और भक्ति का मार्ग अपनाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे प्रभु स्मरण तथा सत्कर्मों में लगाना ही जीवन की वास्तविक सार्थकता है। श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण व्यक्ति के जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा, सदाचार और आत्मिक शांति प्रदान करता है।
आयोजन समिति ने बताया कि कथा सप्ताह का समापन हवन-पूजन, पूर्णाहुति, विशाल भंडारे एवं प्रसाद वितरण के साथ होगा। मंदिर के पुजारी पंडित लक्ष्मीकांत शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं से कथा में सहभागी बनकर धर्मलाभ अर्जित करने और आयोजन में सहयोग देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पंडित बलराम मुद्गल, पंडित महेंद्र पटेल, राजेंद्र यादव, जितेन्द्र जोशी, नवरत्न शर्मा, रमेश बंसल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंजता रहा, जिससे कस्बे में भक्तिमय माहौल बना रहा।