दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर प्रागपुरा और पावटा के बीच यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी बस ठहराव की समस्या का समाधान नहीं होने पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव एवं अधिवक्ता देवांश सिंह ने एक बार फिर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन विभाग को दूसरा ज्ञापन भेजकर राम विहार के सामने स्थायी बस स्टॉप निर्माण की मांग दोहराई है।

देवांश सिंह ने बताया कि वर्तमान में रोडवेज और निजी बसें हाईवे पर पुलिया के दोनों ओर रुकती हैं। इसके कारण यात्रियों को तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पर उतरना पड़ता है और कई बार जान जोखिम में डालकर हाईवे पार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस स्थान पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने बताया कि करीब दो माह पूर्व भी प्रशासन को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया गया था। उस समय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण करवाकर स्थायी बस ठहराव स्थल विकसित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक न तो सर्वे पूरा हुआ और न ही निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ सकी है।

ज्ञापन में देवांश सिंह ने सुझाव दिया है कि राम विहार स्थित होटल ग्रीन पार्क के सामने तथा दूसरी ओर रिलायंस पेट्रोल पंप के पास उपलब्ध सरकारी भूमि पर सड़क से हटकर बस स्टॉप बनाया जा सकता है। इससे यात्रियों को सुरक्षित चढ़ने-उतरने की सुविधा मिलेगी और हाईवे पर दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा। उन्होंने कहा कि पावटा-प्रागपुरा क्षेत्र व्यापारिक गतिविधियों और आबादी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यहां से बसों के जरिए आवागमन करते हैं। ऐसे में सुरक्षित और व्यवस्थित बस ठहराव स्थल समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बस स्टॉप बनने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
देवांश सिंह ने राज्य सरकार से मांग की है कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए शीघ्र सर्वे करवाकर स्थायी बस स्टॉप निर्माण की स्वीकृति जारी की जाए, ताकि लंबे समय से चली आ रही इस जनसमस्या का स्थायी समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि यह मांग किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे पावटा-प्रागपुरा क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा विषय है।