गांधी-शास्त्री जयंती पर पंसारी धर्मशाला में श्रद्धांजलि सभा, महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान

पावटा कस्बे में राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पंसारी धर्मशाला में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम पूर्व विधायक सुभाष शर्मा के मुख्य आतिथ्य एवं गिरधारी लाल स्वामी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। अतिथियों एवं उपस्थितजनों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

गांधी-शास्त्री जयंती पर पंसारी धर्मशाला में श्रद्धांजलि सभा, महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान
गांधी-शास्त्री जयंती पर पंसारी धर्मशाला में श्रद्धांजलि सभा, महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान

इस अवसर पर पूर्व विधायक सुभाष शर्मा ने महात्मा गांधी के जीवन और विचारों को याद करते हुए युवाओं से सत्य, अहिंसा, शांति एवं समरसता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने अपने विचारों और सिद्धांतों के माध्यम से पूरे विश्व को दिशा दिखाई। युवाओं को उनके पदचिह्नों पर चलते हुए समाज में शांति, भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए।

गांधी-शास्त्री जयंती पर पंसारी धर्मशाला में श्रद्धांजलि सभा, महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान
गांधी-शास्त्री जयंती पर पंसारी धर्मशाला में श्रद्धांजलि सभा, महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को याद करते हुए कहा कि शास्त्रीजी ने देश को ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश दिया। उनके सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। सुभाष शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को केवल जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित करना पर्याप्त नहीं है। महापुरुषों के सिद्धांतों को रोजमर्रा के जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

गांधी-शास्त्री जयंती पर पंसारी धर्मशाला में श्रद्धांजलि सभा, महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान
गांधी-शास्त्री जयंती पर पंसारी धर्मशाला में श्रद्धांजलि सभा, महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान

गांधीजी के विचारों को समझने के लिए उनके सिद्धांतों पर मनन करने और अहिंसा तथा शांति के व्यवहार को जीवन में उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्तमान समय में गांधीजी के सिद्धांतों की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कहा कि समाज में असभ्यता, अनुशासनहीनता और कदाचार जैसी प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं। ऐसे समय में गांधीजी के सत्य, अहिंसा, संयम और सद्भाव के विचारों को अपनाकर सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

गांधी-शास्त्री जयंती पर पंसारी धर्मशाला में श्रद्धांजलि सभा, महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान
गांधी-शास्त्री जयंती पर पंसारी धर्मशाला में श्रद्धांजलि सभा, महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षक सुलतान वर्मा, शिंभू सिंह, हरि प्रसाद वर्मा, अमर सिंह सैनी, छाजू स्वामी, महेश शर्मा, सुरेन्द्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थितजनों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

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