प्रागपुरा पीएचसी में स्टाफ की कमी, ज्ञापन सौंपा

प्रागपुरा के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय स्टाफ की कमी का सीधा असर मरीजों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने वाले इस केंद्र में नियमित चिकित्सक की व्यवस्था नहीं है, वहीं लैब टेक्नीशियन का पद रिक्त होने से आवश्यक रक्त एवं अन्य जांच सुविधाएं भी प्रभावित हैं। प्रागपुरा क्षेत्र की करीब 27 हजार की आबादी के लिए यह स्वास्थ्य केंद्र महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन करीब 150 से अधिक मरीज यहां उपचार के लिए आते हैं।

प्रागपुरा पीएचसी में स्टाफ की कमी, ज्ञापन सौंपा
प्रागपुरा पीएचसी में स्टाफ की कमी, ज्ञापन सौंपा

स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित चिकित्सक नहीं होने के कारण कई मरीजों को आगे की चिकित्सा के लिए कोटपूतली-पावटा अथवा निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। लैब टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं होने से पीएचसी में पहले संचालित होने वाली निशुल्क जांच व्यवस्था प्रभावित हुई है। बताया गया कि यहां सीबीसी, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर और यूरिन समेत करीब 17 प्रकार की जांचें होती थीं तथा रोजाना लगभग 30 मरीज इनका लाभ लेते थे। जांच सुविधा बंद होने से जरूरतमंद मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं में पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।

प्रागपुरा पीएचसी में स्टाफ की कमी, ज्ञापन सौंपा
प्रागपुरा पीएचसी में स्टाफ की कमी, ज्ञापन सौंपा

समस्या को लेकर प्रागपुरा निवासी एवं पूर्व जिला पार्षद ललित गोयल ने जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन पहुंचकर विभाग के निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने प्रागपुरा पीएचसी में स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। गोयल ने स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की संख्या और क्षेत्र की आबादी के अनुरूप चिकित्सा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने जल्द स्थायी चिकित्सक की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया तथा जिला सीएमएचओ को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण सिंह शेखावत ने बताया कि पूर्व में कार्यरत चिकित्सक डॉ. एकता चौधरी का पीजी में चयन होने के बाद वे अन्यत्र चली गईं। वर्तमान में डेपुटेशन बंद है। डेपुटेशन शुरू होने के बाद प्रागपुरा में चिकित्सक लगाया जाएगा।

फिलहाल चिकित्सा व्यवस्था के लिए डॉ. हंशा तांखर को लगाया गया है। लैब टेक्नीशियन के संबंध में उन्होंने बताया कि अतिरिक्त प्रभार पर कार्यरत कर्मचारी अपने मूल पद पर लौट गया है। नई भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद अन्य कार्मिक को प्रभार देकर जांच सेवाएं दोबारा शुरू कराने की कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रवासियों ने मांग की कि पीएचसी में चिकित्सक और लैब टेक्नीशियन की स्थायी व्यवस्था शीघ्र की जाए, ताकि मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में ही उपचार और आवश्यक जांच की सुविधा मिल सके।

Author