61 व 51 फीट रावण का पुतला धू धू कर जला, गूंजे जय श्रीराम के जयघोष

पावटा और प्रागपुरा कस्बों में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। पावटा के गोपाल भैया मंदिर के सामने दशहरा मैदान में 61 फीट तथा प्रागपुरा में इंडोर स्टेडियम के सामने पीएम श्री महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के खेल मैदान में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतलों का आतिशबाजी के बीच दहन किया गया। दोनों स्थानों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे और रावण दहन के दौरान मैदान जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठे।

61 व 51 फीट रावण का पुतला धू धू कर जला, गूंजे जय श्रीराम के जयघोष
61 व 51 फीट रावण का पुतला धू धू कर जला, गूंजे जय श्रीराम के जयघोष

दोनों कस्बों में रावण के विशाल पुतले तैयार करने में कारीगरों को करीब 15 से 20 दिन का समय लगा। पुतलों में पटाखे लगाए गए थे। विजयादशमी पर आतिशबाजी के साथ दहन शुरू हुआ तो देखते ही देखते करीब 20 मिनट में दोनों पुतले जलकर राख हो गए। इस बार आयोजन की खास बात यह रही कि पुतलों में पहले की तरह पटाखे तो लगाए गए, लेकिन रॉकेट नहीं लगाए गए। इससे रॉकेट इधर-उधर जाने की आशंका नहीं रही और लोगों को इधर-उधर भागने की जरूरत नहीं पड़ी। श्रद्धालु एक ही स्थान पर खड़े रहकर आराम से रावण दहन का आनंद लेते नजर आए।

61 व 51 फीट रावण का पुतला धू धू कर जला, गूंजे जय श्रीराम के जयघोष
61 व 51 फीट रावण का पुतला धू धू कर जला, गूंजे जय श्रीराम के जयघोष

पावटा में आदर्श रामलीला मंडल की ओर से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान और सुग्रीव सहित रामदल की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष योगेश शर्मा सहित एडवोकेट मुरलीधर खोवाल, भाजपा नेता गोपाल अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता बलवंत मीणा, मालीराम बाडीगर, शुभम शर्मा, मुकेश सोनी, रामशरण बोहरा, विनोद यादव, सांवर बोहरा, ललित शर्मा, विकास पुजारी, विक्रम जितरवाल, लक्की भारद्वाज, महेश पारीक, नरेंद्र गौड़, बिहारी सोनी, जीतु प्रजापत, शिवम शर्मा, मनोज जांगिड़ और लोकेश टांक सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

61 व 51 फीट रावण का पुतला धू धू कर जला, गूंजे जय श्रीराम के जयघोष
61 व 51 फीट रावण का पुतला धू धू कर जला, गूंजे जय श्रीराम के जयघोष

प्रागपुरा में श्री आदर्श रामलीला मंडल की ओर से राम-रावण युद्ध, रावण-अंगद संवाद, रावण वध और लक्ष्मण को ज्ञान देने जैसे प्रसंगों का मंचन किया गया। युद्ध के दौरान विभीषण द्वारा रावण की नाभि में अमृत होने का रहस्य बताए जाने के बाद भगवान श्रीराम ने ब्रह्मास्त्र से रावण का वध किया। रावण के पुतले के दहन के साथ ही मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। रामलीला मंचन के माध्यम से अहंकार के पतन और सत्य की विजय का संदेश दिया गया।

61 व 51 फीट रावण का पुतला धू धू कर जला, गूंजे जय श्रीराम के जयघोष
61 व 51 फीट रावण का पुतला धू धू कर जला, गूंजे जय श्रीराम के जयघोष

कार्यक्रम से पहले चतुर्भुज मंदिर स्थित रामलीला मैदान से राम और रावण की सेनाओं की शोभायात्रा निकाली गई, जो कस्बे के प्रमुख मार्गों से होकर दशहरा स्थल पहुंची। पंडित अंजनी शर्मा के सान्निध्य में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमानजी का तिलक कर आरती की गई। गोपीनाथ, गोपालदास, चिंताहरण, सत्यनारायण, चतुर्भुज और सीताराम मंदिरों से भगवान के डोले भी दशहरा स्थल पहुंचे। श्रद्धालुओं ने डोलों के नीचे से गुजरकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

61 व 51 फीट रावण का पुतला धू धू कर जला, गूंजे जय श्रीराम के जयघोष
61 व 51 फीट रावण का पुतला धू धू कर जला, गूंजे जय श्रीराम के जयघोष

कार्यक्रम में पूर्व सरपंच कैलाश सैनी, एडवोकेट देवांश सिंह, समाजसेवी राजेश गोयल, जीएसएस अध्यक्ष उपेंद्र सिंह शेखावत, कांग्रेस जिला महासचिव अजय सैनी, पूर्व जिला पार्षद ललित गोयल, राजेन्द्र जांगिड़, श्याम सुंदर शर्मा, राजेन्द्र सोनी, इन्द्रराज जांगिड़, प्रदीप गोयल, संतोष खंडेलवाल, बिल्लू जांगिड़, शिवम शर्मा, दीपक बंसल, अमित बंसल, बद्री प्रसाद सैनी, सत्यनारायण शर्मा, विष्णु पारीक, रोहिताश्व सैनी, विष्णु टांक, अभिषेक जांगिड़, ताराचंद जांगिड़, शक्ति सिंह शेखावत, अरूण शर्मा, मन्नालाल सैनी, रोहित मीणा, पार्षद विक्रम सैनी, महेश शर्मा, उमेश पाराशर और सौरभ शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग व कमेटी सदस्य मौजूद रहे। भीड़ को देखते हुए प्रागपुरा थाने से जयराम चौधरी की अगुवाई में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। कस्बे के अन्य स्थानों पर भी रावण दहन और शस्त्र पूजन के आयोजन हुए।

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