ओवरलोड डंपर की चपेट में आने से 21 वर्षीय शालू कटारिया की मौत के बाद भैंसलाना में ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। वीएसटी कोरबी कंपनी के सामने सुबह करीब 7:15 बजे हुए हादसे के बाद ग्रामीणों ने मृतका का शव सड़क पर रखकर रघुनाथपुरा-भैंसलाना मार्ग जाम कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने ओवरलोड वाहनों की आवाजाही रोकने, फरार डंपर चालक को गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की। करीब पांच घंटे तक चले विरोध के बाद सहायता राशि उपलब्ध कराने पर सहमति बनी और दोपहर करीब एक बजे धरना समाप्त कर दिया गया।

सरुंड थाना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार, मृतका शालू कटारिया पुत्री मनजीत कटारिया थी। हादसे के बाद डंपर चालक फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शन के चलते मार्ग पर यातायात बाधित रहा।

ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों की आवाजाही लंबे समय से खतरा बनी हुई है। उनका आरोप है कि पहले भी इस समस्या को लेकर शिकायतें की गईं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि सड़क सुरक्षा के लिए निर्देश जारी होने के बावजूद यदि भारी वाहन नियमों की अनदेखी करते हुए चलते रहेंगे, तो हादसों पर अंकुश कैसे लगेगा।

ग्रामीणों ने सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत करवाने और रहवासी क्षेत्र से ओवरलोड वाहनों की आवाजाही बंद करने की मांग भी उठाई। पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना के नेतृत्व में धरना दिया गया। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों के समक्ष ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जताई और सड़क सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग रखी।

कांग्रेस के एससी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष तारा पूतली भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने शालू की मौत को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय और उचित सहायता दिलाने के लिए साथ खड़े रहने की बात कही।

तारा पूतली के अनुसार, ट्रक मालिक और वीएसटी कंपनी के अधिकारियों से बातचीत के बाद परिवार को उचित सहायता एवं क्लेम दिलाने पर सहमति बनी। उन्होंने प्रशासन से रहवासी क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट पर धरना दिया जाएगा।

मौके पर पावटा उपखंड अधिकारी बृजेश कुमार चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक मदन लाल जैफ, सरुंड थाना अधिकारी यशपाल सिंह, परिवहन विभाग के अधिकारी, कांग्रेस नेत्री मंजू रावत, धर्मसिंह भैंसलाना, रामस्वरूप वर्मा, रोहित बायला, जितेन्द्र यादव, विक्रम मीणा, कमल यादव, लालचंद कटारिया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
मृतका के परिजनों को अलग-अलग मदों से सहायता राशि दिलाने पर सहमति बनने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसके बाद शव का राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया और परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
शालू पांच बहनों में सबसे बड़ी थी। उसका एक छोटा भाई भी है। वह निजी अस्पताल में नौकरी कर परिवार की आर्थिक मदद कर रही थी। उसकी असमय मृत्यु से परिवार का सहारा छिन गया। हादसे के बाद क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।