पावटा-प्रागपुरा नगरपालिका क्षेत्र में कचरा निस्तारण की अव्यवस्थाओं, निराश्रित गौवंश के लिए चारे-पानी की व्यवस्था बंद होने तथा युवाओं में बढ़ते नशे की समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद सैन ने उपखंड अधिकारी बृजेश कुमार चौधरी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने इन समस्याओं का स्थायी समाधान करवाकर आमजन को राहत दिलाने की मांग की। ज्ञापन के बाद उपखंड अधिकारी से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान सैन ने उन्हें साफा पहनाकर स्वागत भी किया। उपखंड अधिकारी ने ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

ज्ञापन में बताया गया कि नगरपालिका का कचरा नदी के बहाव क्षेत्र में बनाए गए अस्थायी डंपिंग यार्ड में डाला जा रहा है। पूर्व में इस स्थान पर सफाई व्यवस्था बेहतर करने के साथ बाजार एवं मंडी क्षेत्र से टेम्पो के माध्यम से निराश्रित गौवंश के लिए चारे-पानी की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अब ये इंतजाम प्रभावित हो गए हैं। इसके चलते गौवंश सड़कों और कचरे के ढेरों में पॉलीथिन, प्लास्टिक तथा अन्य अपशिष्ट खाने को मजबूर है। इससे उनके बीमार होने और मृत्यु का खतरा बना हुआ है।

सैन ने डंपिंग यार्ड में शाम के समय कचरे में आग लगने से उठने वाले धुएं को भी गंभीर समस्या बताया। उनके अनुसार, धुएं से आसपास रहने वाले लोगों के साथ बाबा भूतनाथ मंदिर, प्राचीन श्री गोपाल भैया मंदिर, श्री श्याम मंदिर, धनादास महाराज आश्रम की बगीची और श्री कृष्ण गौशाला में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में पावटा-प्रागपुरा क्षेत्र में स्मैक (ब्राउन शुगर) सहित अन्य नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता जताई गई। सैन ने स्थानीय स्तर पर युवाओं के नशे की चपेट में आने की शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि नशे की लत सामाजिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है। उन्होंने डंपिंग यार्ड, नदी क्षेत्र और गौशाला के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने की आवश्यकता जताई।
प्रहलाद सैन ने डंपिंग यार्ड की नियमित सफाई और कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करवाने, कचरे में आग लगने की घटनाओं पर रोक लगाने तथा प्रदूषण नियंत्रण के उपाय करने की मांग की। साथ ही निराश्रित गौवंश के लिए पहले की तरह चारे-पानी की व्यवस्था बहाल करने और नशे के खिलाफ जागरूकता बोर्ड लगाने, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने तथा पुलिस प्रशासन के समन्वय से नशामुक्ति अभियान चलाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि नगरपालिका प्रशासन को इन समस्याओं से पहले भी मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। सैन ने जनहित, पर्यावरण संरक्षण और गौसेवा को अपनी प्राथमिकता बताते हुए उम्मीद जताई कि प्रशासन के सहयोग से समस्याओं का जल्द निराकरण होगा।