कस्बे की यातायात व्यवस्था सुधारने को लेकर प्रशासन की ओर से किए जा रहे दावे धरातल पर बेअसर साबित हो रहे हैं। अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही के चलते पावटा में जाम की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। बुधवार को कस्बे के मुख्य बाजार, छोटे अंडरपास, बड़ी पुलिया और दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस लेन पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात ऐसे रहे कि बड़े अंडरपास से टसकोला रोड तक कुछ मिनटों का सफर तय करने में वाहन चालकों को काफी समय लग गया।

कस्बे में जाम का प्रमुख कारण सर्विस रोड पर बेतरतीब पार्किंग और भारी वाहनों का आवागमन बना हुआ है। हाइवे किनारे नालों पर अतिक्रमण, दुकानों के बाहर सड़क तक फैला सामान, बस स्टैंड क्षेत्र में अव्यवस्थित वाहन संचालन और सर्विस लेन पर खड़े ई-रिक्शा, लोडिंग वाहन तथा निजी गाड़ियां यातायात में बाधा बन रही हैं। बैंकों, मेगा मार्ट, निजी अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों के बाहर पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क का बड़ा हिस्सा पार्किंग स्थल में तब्दील हो गया है।

इसका सबसे अधिक असर आम राहगीरों, स्कूली बच्चों और मरीजों पर पड़ रहा है। कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में गंभीर परेशानी खड़ी हो सकती है। सर्विस रोड पर अतिक्रमण के चलते पैदल चलने वालों को भी मुख्य सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार छोटे अंडरपास को पूर्व में चौपहिया वाहनों के लिए बंद करने से यातायात व्यवस्था में काफी सुधार हुआ था। हालांकि, बाद में इसे पूरी तरह बंद किए जाने पर आमजन के विरोध के चलते पुनः खोल दिया गया। अब नागरिकों का सुझाव है कि दीपावली के दौरान नगरपालिका प्रशासन छोटे अंडरपास के सामने डिवाइडर लगाकर इसे केवल पैदल यात्रियों और दुपहिया वाहनों के लिए चालू रखे। साथ ही मुख्य बाजार में भारी वाहनों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई जाए, जिससे जाम की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सके।

व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि यातायात व्यवस्था का मुद्दा पुलिस की सीएलजी बैठकों में भी बार-बार उठाया जाता रहा है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। नगरपालिका प्रशासन की ओर से न तो वैकल्पिक पार्किंग स्थल विकसित किए जा रहे हैं और न ही अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। वहीं यातायात पुलिस और प्रागपुरा थाना पुलिस की नियमित निगरानी एवं चालानी कार्रवाई के अभाव में वाहन चालक मनमाने ढंग से वाहन खड़े कर रहे हैं।
नागरिकों ने सर्विस रोड और मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाने, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास वैकल्पिक पार्किंग स्थल चिह्नित करने, भारी वाहनों के लिए निर्धारित रूट और समय तय करने तथा स्कूल खुलने एवं छुट्टी के समय व्यस्त चौराहों पर यातायात पुलिस की तैनाती की मांग की है। साथ ही नगरपालिका, पुलिस प्रशासन और व्यापार संघ की संयुक्त बैठक आयोजित कर ठोस कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता जताई है। लोगों का कहना है कि दीपावली जैसे बड़े पर्व से पहले व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो बाजारों में खरीदारी के दौरान जाम की समस्या और विकराल हो सकती है।