जन्मदिन पर होने वाले पारंपरिक आयोजनों से हटकर पावटा की विधि कुमावत ने अपने आठवें जन्मदिन को पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित किया। विधि ने घर के बगीचे में आम का पौधा लगाकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश दिया। विधि ने यह पौधा अपनी बचत से खरीदा, जिसे लेकर परिवार में भी खासा उत्साह रहा।

परिजनों के अनुसार विधि को शुरू से ही पेड़-पौधों के प्रति विशेष लगाव है। वह घर में लगे पौधों की देखभाल करने के साथ नए पौधे लगाने में भी रुचि रखती है। जन्मदिन के मौके पर पौधारोपण करने का निर्णय भी उसी की पहल पर लिया गया। पौधारोपण के दौरान दादा बनवारी लाल, दादी कमला, बड़े मम्मी-पापा लक्ष्मी नारायण एवं शारदा, मुरलीधर एवं मौषम, मम्मी-पापा यतीश एवं खुशी सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

परिजनों ने विधि की पहल की सराहना करते हुए आम के पौधे को नियमित रूप से पानी देने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विधि के भाई-बहन देवेश, पंकज, कुमकुम, जतिन, परी और वेदांश ने भी पौधारोपण में सहभागिता निभाई। बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
परिवार के सदस्यों ने कहा कि खुशी के अवसरों को प्रकृति से जोड़ने की पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती है। यदि लोग जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर पौधे लगाकर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लें तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक रूप से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। विधि के जन्मदिन पर लगाया गया आम का पौधा केवल एक पौधारोपण नहीं, बल्कि छोटी उम्र में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का सुंदर उदाहरण बन गया।