कोटपूतली-बहरोड़ जिले में टारगेटेड केसों की कार्ययोजना के विरोध में वकीलों का न्यायिक कार्यों से बहिष्कार

राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर की ओर से अधीनस्थ न्यायालयों में लक्षित प्रकरणों के निस्तारण को लेकर जारी कार्ययोजना के विरोध में जिला अभिभाषक संघ कोटपूतली ने न्यायिक कार्यों से बहिष्कार का निर्णय लिया है। संघ की ओर से जारी आम सूचना के अनुसार सभी अधिवक्ता 1 सितंबर से 6 सितंबर 2026 तक न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। संघ ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की ओर से 11 अगस्त 2026 को लक्षित प्रकरणों के निस्तारण के लिए टारगेट केस फेज VI के तहत कार्ययोजना निर्धारित की गई है।

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में टारगेटेड केसों की कार्ययोजना के विरोध में वकीलों का न्यायिक कार्यों से बहिष्कार
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में टारगेटेड केसों की कार्ययोजना के विरोध में वकीलों का न्यायिक कार्यों से बहिष्कार

संघ का कहना है कि प्रारंभ में इस तरह के लक्षित प्रकरणों में 20 वर्ष या उससे अधिक पुराने मामलों को शामिल किया गया था, लेकिन वर्तमान में पांच वर्ष से कम पुराने प्रकरणों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। जिला अभिभाषक संघ के अनुसार अधीनस्थ न्यायालयों में मामलों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के बजाय संख्यात्मक निस्तारण पर अधिक जोर दिया जा रहा है। संघ ने इसे न्याय प्रणाली के मूलभूत मानदंडों के अनुरूप नहीं बताते हुए अधिवक्ताओं के निजी एवं व्यावसायिक जीवन पर पड़ रहे प्रभाव का भी उल्लेख किया है। इसी के विरोध में संघ की ओर से 1 से 6 सितंबर तक न्यायिक कार्यों से पूर्ण रूप से विरत रहने का निर्णय लिया गया है।

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में टारगेटेड केसों की कार्ययोजना के विरोध में वकीलों का न्यायिक कार्यों से बहिष्कार
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में टारगेटेड केसों की कार्ययोजना के विरोध में वकीलों का न्यायिक कार्यों से बहिष्कार

संघ ने सभी अधिवक्ताओं से बहिष्कार के दौरान सहयोग करने तथा न्यायिक कार्यों में भाग नहीं लेने की अपील की है। जिला अभिभाषक संघ कोटपूतली के अध्यक्ष बजरंग लाल शर्मा, उपाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह शेखावत, सचिव मुकेश कुमार यादव एवं कोषाध्यक्ष अजय सिंह तंवर सहित संघ पदाधिकारियों ने निर्णय की जानकारी दी।

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