Skip to content

News Chakra

कोटपूतली से प्रकाशित हिन्दी समाचार पत्र की अधिकृत वेबसाईट

Primary Menu
  • Home
  • National
  • Rajasthan News
    • Kotputli
    • Shahpura
    • Behror
    • Neemrana
    • BANSUR
    • VIRAT NAGAR
    • Banethi
  • BUSINESS
  • VIDEO
  • SPECIAL
  • Home
  • HEALTH CARE
  • हेल्थ केयर: मोटा अनाज बनाएगा सेहत, जानिए कैसे !
  • HEALTH CARE

हेल्थ केयर: मोटा अनाज बनाएगा सेहत, जानिए कैसे !

News Chakra December 18, 2022
हेल्थ केयर : मोटा अनाज बनाएगा सेहत

आज पूरी दुनिया हेल्थ केयर पर मंथन कर रही है और मोटे अनाज की तरफ वापस लौट रही है। आज मोटा अनाज अमीरों की ‘पहचान’ और आवश्यकता बन रहा है, तो आइए आपको बताते हैं कि मोटा अनाज आज के समय में क्यों और कितना जरूरी है और इसके क्या फायदे हैं।

News Chakra. आज से 50 साल पहले लोग भले ही इतने शिक्षित नहीं थे लेकिन खाने की परंपरा यानी फूड कल्चर आज से भी मजबूत था। खाने की मजबूत परंपरा के कारण ही लोग हष्ट- पुष्ट रहते थे और बीमार कम पड़ते थे। बुजुर्ग बताते हैं कि ‘ हम मोटा अनाज खाने वाले लोग थे।’ मोटा अनाज मतलब ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, जौ, चना इत्यादि।

लेकिन इसके बाद साठ के दशक में आई हरित क्रांति ने हम भारतीयों की थाली से इन सब अनाजों को दूर कर दिया और गेहूं और चावल को थाली में सजा दिया। यानी जिस अनाज को हम साढ़े छह हजार साल से भी ज्यादा समय से खा रहे थे। उससे हमने मुंह मोड़ लिया।… धीरे- धीरे गेहूं और चावल संपन्नता के निशानी बन गए और मोटा अनाज गरीबों का भोजन बन कर रह गया।

लेकिन समय चक्र देखिए, आज पूरी दुनिया Health Care पर मंथन कर रही है और उसी मोटे अनाज की तरफ वापस लौट रही है। आज मोटा अनाज अमीरों की ‘पहचान’ और आवश्यकता बन रहा है, तो आइए आपको बताते हैं कि मोटा अनाज आज के समय में क्यों और कितना जरूरी है और इसके क्या फायदे हैं।

हेल्थ केयर : मोटा अनाज बनाएगा सेहत, जानिए कैसे !
मोटा अनाज बनाएगा सेहत

आयुष मंत्रालय के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मोटे अनाज की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आज हम देखते हैं कि जिस भोजन को हमने छोड़ दिया, उसको दुनिया ने अपनाना शुरू कर दिया। जौ, ज्वार, रागी, कोदो, सामा, बाजरा, सांवा, ऐसे अनेक अनाज कभी हमारे खान-पान का हिस्सा हुआ करते थे। लेकिन यह हमारी थालियों से गायब हो गए। पीएम मोदी के इस बयान के बाद देश में एक बार फिर से मोटे अनाज की चर्चा जोरों पर है।

  • DHADKAN
  • Entertainment
  • HEALTH CARE
  • Highlights
  • Kavya manch
  • Lifestyle
  • National
  • Rajasthan News
  • SPORTS
  • Top news
  • Trending
  • Web Story
  • तकनीक

ज्वार, बाजरा और रागी की खेती में धान के मुकाबले 30 फीसदी कम पानी की जरूरत होती है। एक किलो धान के उत्पादन में करीब 4 हजार लीटर पानी की खपत होती है, जबकि मोटे अनाजों के उत्पादन नाममात्र के पानी की खपत होती है। मोटे अनाज खराब मिट्टी में भी उग जाते हैं। ये अनाज जल्दी खराब भी नहीं होते।10 से 12 साल बाद भी ये खाने लायक होते हैं। मोटे अनाज की फसल बारिश जलवायु परिवर्तन को भी सह जाती हैं। ये ज्यादा या कम बारिश से प्रभावित नहीं होती।

मोटे अनाज आसानी से पचने वाले फाइबर और कॉम्पलेक्स कार्बोहाइडेट्स का अच्छा स्रोत है। आज वैज्ञानिक और डॉक्टर उन्हें ही पौष्टिक बताकर खाने की सलाह दे रहे हैं। कई रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि अगर देश में मोटा अनाज फिर से चलन में आ जाए तो 70 फीसदी लोग कुपोषण से मुक्त हो जाएंगे। इसके अलावा आमजन मोटापा, बदहजमी, डॉयबिटीज, एनीमिया, हार्ट, कोलेस्ट्राल,जैसी 36 बीमारियों से मुक्त हो सकते है। इसमें मौजूद फोलिक एसिड बढ़ती उम्र वाले बच्चों के लिए बेहद उपयोगी है। पहले माताएं शिशुओं को ज्वार और मक्के के आटे का घोल पिलाती थीं।

Rakul Preet : दिलकश तस्वीरों ने मोहा फैंस का मन

यह एंटीकैंसर भी होता है। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, जिंक, मैग्नीज, लोहा, खनिज तत्व, कैलोरी, कैरोटीन, फोलिक ऐसिड, एमिनो एसिड, विटामिन-बी, ई और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। मोटे अनाज डिसलिपिडेमिया और डायबिटीज पीडि़तों के लिए रामबाण है।

हेल्थ केयर : पर्यावरण अनुकूल हैं मोटे अनाज

इन दिनों आप यूरिया की किल्लत के समाचार जरूर पढ़ रहे होंगे। यूरिया का उपयोग इतनी तेजी से बढ़ा है कि दुकानों के बाहर खरीददार किसानों की लम्बी लम्बी कतारें लगने लगी है। क्योंकि गेहूं और धान को उगाने में यूरिया का बहुत प्रयोग होता है। जबकि मोटे अनाज को उगाने में यूरिया का बिलकुल भी प्रयोग नहीं होता। यूरिया जब विघटित होता है, तो नाइट्रस ऑक्साइड, नाइट्रेट, अमोनिया और अन्य तत्वों में बदल जाता है। नाइट्रस ऑक्साइड हवा में घुलकर सांस की गंभीर बीमारियां पैदा करती है और एसिड रेन का कारण भी बनती है।

दुल्हन जब किसी घर की दहलीज में प्रवेश करती है…

सर्दी में घर के बड़े- बुजुर्ग मोटा अनाज खाने की सलाह देते हैं, लेकिन वो ऐसा क्‍यों कहते हैं, इसे समझना जरूरी है। आयुर्वेद विशेषज्ञ कहते हैं, ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखने में भोजन भी अहम रोल अदा करता है। खाने की तासीर भी शरीर को ठंड से बचाने में मदद करती है। मोटा अनाज की तासीर गर्म होती है।ये शरीर में पहुंचकर गर्माहट देते हैं। सर्दी में मोटा अनाज खाने की सबसे बड़ी वजह यही है. इनमें कई तरह के पोषक तत्‍व होते हैं जो शरीर को फायदा पहुंचाते हैं।

हेल्थ केयर : बढ़ रहा है ‘ मल्टीग्रेन का मार्केट “

मोटे अनाज की अब जैसे जैसे डिमांड बढ़ने लगी है। मोटे अनाज का मिश्रण यानि मल्टी ग्रेन मार्केट तेजी से बढ़ने लगा है। समय की आवश्यक्ता को ध्यान में रखकर कई कंपनियां तो बच्चों के खाने लायक प्रोडक्ट बना रही है और फाइबर व प्रोटीन का प्रचार कर चांदी कूट रही है। मोटे अनाज से हेल्थ ड्रिंक, चिल्ला, इडली, टोस्ट, ब्रेड, बिस्किट, बेबी और हेल्दी फूड बड़ी मात्रा में बनाए जा रहे हैं।

  • पावटा में भी उत्साह और प्रागपुरा में सामूहिक होलिका दहन
  • कोटपूतली-बहरोड़ जिला क्षेत्र के पूतली में ममता भूपेश का भव्य स्वागत
  • पावटा ब्लॉक के फूलचंद यादव की सड़क हादसे में मौत, धाराजी घाटी में हुआ दर्दनाक हादसा
  • राजस्थान में मेरठ ऑडियो प्रकरण प्रतिक्रिया: पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर बहस, प्रशासन ने दी सफाई
  • कोटपूतली-बहरोड़ जिले के विराटनगर थाना परिसर में सीएलजी व शांति समिति की बैठक

About the Author

NEWS CHAKRA

News Chakra

Administrator

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: आबादी के नजदीक ब्लास्टिंग, 10वें दिन भी धरना- प्रदर्शन
Next: जोधपुर सिलेंडर हादसे के बावजूद ‘लापरवाही’, कोटपूतली में बड़ा हादसा टला

Related Stories

30 की उम्र में भी चेहरे पर नहीं आएगा ढीलापन,
  • HEALTH CARE

बढ़ती उम्र में भी चेहरे पर नहीं आएगा ढीलापन, झुर्रियों और स्किन टाइटनिंग के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

News Chakra March 12, 2023
मोटा अनाज : होली पर खायें हैल्दी फूड्स, तो जमेगा रंग !
  • HEALTH CARE
  • National

मोटा अनाज : होली पर खायें हैल्दी फूड्स, तो जमेगा रंग !

News Chakra March 7, 2023
होली के रंगों का बच्चों की सेहत पर पड़ सकता
  • HEALTH CARE

होली के रंगों का बच्चों की सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर, इन बातों को रखें खास ध्यान

News Chakra March 7, 2023
March 2026
MTWTFSS
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031 
« Feb    

You may have missed

image_editor_output_image1798669715-17726405075465068849589871418741.jpg
  • Top news

पावटा में भी उत्साह और प्रागपुरा में सामूहिक होलिका दहन

Rajesh Kumar Hadia March 4, 2026
image_editor_output_image372226135-17726391828405143768795265636870.jpg
  • Top news

कोटपूतली-बहरोड़ जिला क्षेत्र के पूतली में ममता भूपेश का भव्य स्वागत

Rajesh Kumar Hadia March 4, 2026
image_editor_output_image7511903-17726130565738536722333385872623.jpg
  • Top news

पावटा ब्लॉक के फूलचंद यादव की सड़क हादसे में मौत, धाराजी घाटी में हुआ दर्दनाक हादसा

Rajesh Kumar Hadia March 4, 2026 0
image_editor_output_image1798677772-17725106389531410240421022588547.jpg
  • Top news

राजस्थान में मेरठ ऑडियो प्रकरण प्रतिक्रिया: पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर बहस, प्रशासन ने दी सफाई

Rajesh Kumar Hadia March 3, 2026 0
Copyright © @News Chakra All rights reserved. | MoreNews by AF themes.