होली के रंगों का बच्चों की सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर, इन बातों को रखें खास ध्यान

होली के रंगों का बच्चों की सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर, इन बातों को रखें खास ध्यान. होली के त्योहार को लेकर बच्चों में गजब का उत्साह देखने को मिलता है। वहीं बच्चों की सेहत को लेकर अक्सर माता-पिता परेशान रहते हैं। कई बार बच्चों द्वारा की गई मस्ती उनके सेहत पर बुरा असर डालती है। इसलिए बच्चों द्वारा होली खेलने से हर पैरेंट्स को यह आसान से टिप्स अपनाने चाहिए।

होली के त्योहार का बड़ों से लेकर बच्चों तक में क्रेज रहता है। बच्चे होली के लिए काफी उत्साहित हैं। वहीं कुछ पैरेंट्स बच्चों को लेकर परेशान रहते हैं कि कहीं रंगों का असर उनकी सेहत पर न पड़े। क्योंकि होली में रंग खेलने के दौरान ढेर सारी मौज मस्ती और ढेर सारी हुड़दंग करते हैं। एक हफ्ते पहले ही बच्चे रंग, गुब्बारे और पिचकारी के साथ होली खेलने के लिए तैयार हो जाते हैं। ऐसे में उनको रंगों से बचाने के लिए आप इन आसान तरीकों को अपना सकती हैं।

बच्चों को समझाएं

होली पर हर पैरेंट्स बच्चों की सेहत को लेकर सचेत रहते हैं। लेकिन कई बार बच्चों द्वारा होली में की गई मस्ती उन्हें मुसीबत में डाल देती हैं। इसके लिए पैरेंटेस को बच्चे को होली के रंगों से होने वाले नुकसान के बारे में बताना चाहिए। ताकि वह सुरक्षित तरीके से अपने दोस्तों के साथ होली खेलें। बच्चों को बिना किसी को नुकसान पहुंचाए होली खेलने की सलाह दें।

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भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से रोकें

होली के दिन सभी रंग खेलने व एक-दूसरे से मिलने में काफी व्यस्त होते हैं। ऐसे में आपको ध्यान रखना चाहिए कि आपका बच्चा होली खेलने के लिए भीड़ भाड़ वाली जगहों पर न जाए। इसके अलावा उन्हें केमिकल युक्त रंगों से बचाएं। क्योंकि बच्चों की स्किन काफी सॉफ्ट होती है। इसलिए बच्चों को घर के आसपास ही होली खेलने के लिए बोलें।

अंजान लोगों को न करें परेशान

बच्चे पिचकारी और पानी वाले गुब्बारों के साथ होली खेलना काफी पसंद करते हैं। ऐसे में कई बार वह जिनको नहीं जानते, उन पर भी पिचकारी और रंग भरे गुब्बारों को फेंकते हैं। इससे कई बार एक्सीडेंट की भी संभावनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में पैरेंट्स होली खेलने से पहले बच्चों को सुरक्षित तरीके होली खेलने के लिए समझाएं। ताकि अन्य लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।

केमिकल वाले रंगों से बचाएं

बच्चों की स्किन काफी मुलायम और सेंसिटिव होती है। ऐसे में केमिकल युक्त रंगों से होली खेलना उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है। वहीं यह रंग बच्चों की आखों, त्वचा और फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में बच्चों की सेहत का ध्यान रखते हुए उन्हें ऑर्गेनिक कलर लाकर देने चाहिए। भले ही यह थोड़ा मंहगे होते हैं, लेकिन यह कलर किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।

सरसों के तेल से करें मालिश

जब बच्चे होली खेलने के लिए घर से बाहर जाएं तो उनके शरीर पर सरसों का तेल लगा देना चाहिए। वहीं सरसों का तेल दें। चेहरे, हाथ, पैर और शरीर की खुली जगहों पर जरूर लगाएं। इससे उनकी त्वचा पर रंगों का बुरा असर नहीं पड़ता है। साथ ही बाद में रंग को छुड़ाने में आसानी भी रहती है। इसके अलावा बच्चों के बालों को भी कैप से ढकना चाहिए। जिससे उनके बालों पर रंग का बुरा असर न पड़े।

ज्यादा भीगने से बचाएं

होली में रंग खेलने के दौरान बच्चे पूरा दिन पानी में भीगते रहते हैं। इसके कारण कई बार वह बीमार भी पड़ जाते हैं। वहीं नहा-धोकर तैयार होने के बाद अक्सर मिलने आने वाले लोग बच्चों को रंग लगा देते हैं। जिससे उनको दोबारा नहाना पड़ता है। इसलिए बच्चों को हल्के गर्म पानी से नहलाना चाहिए और उन्हें पानी में अधिक भीगने के लिए भी मना करें। जिससे कि वह बीमार न हो।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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  • Vikas Verma

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