पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर जोन के संयुक्त निदेशक डॉ. यदुनाथ सिंह नाथावत ने बुधवार को पावटा स्थित राजकीय उपजिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का गहन आकलन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा कर मरीजों से सीधा संवाद किया और उन्हें मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, दवा उपलब्धता एवं उपचार की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली।

डॉ. नाथावत ने इमरजेंसी सहित अन्य वार्डों में भ्रमण कर मरीजों का कुशलक्षेम जानी तथा अस्पताल प्रशासन द्वारा दी जा रही सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अग्निशामक यंत्रों को चलाकर उनकी कार्यप्रणाली की भी जांच की और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में बनाए गए विशेष हीट वेव वार्ड का निरीक्षण करते हुए उन्होंने एसी एवं कूलर की स्थिति को परखा और व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। साथ ही साफ-सफाई, बेडशीट नियमित बदलने, पेयजल एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए सभी इंतजाम मजबूत रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान ओपीडी-आईपीडी सेवाओं, लैब जांच, टीकाकरण कार्यक्रम, दवा वितरण व्यवस्था एवं चिकित्सकीय उपकरणों के रखरखाव का भी बारीकी से मूल्यांकन किया गया। उन्होंने निःशुल्क दवा व जांच सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मरीजों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अस्पताल की समग्र व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए संयुक्त निदेशक ने पीएमओ डॉ. रवि बंसल के नेतृत्व की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि डॉ. बंसल के मार्गदर्शन में अस्पताल में निरंतर सुधारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आमजन को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

पीएमओ डॉ. रवि बंसल ने बताया कि अस्पताल का लक्ष्य हर मरीज को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति बिना इलाज के वापस न लौटे। उन्होंने कहा कि निःशुल्क दवा, जांच एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रत्येक पात्र मरीज तक पहुंचाने के लिए टीम लगातार प्रयासरत है।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. देवेन्द्र शर्मा, डॉ. राजेश डोचानिया, नर्सिंग स्टाफ रंगलाल यादव सहित अन्य चिकित्सा कर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने टीम भावना के साथ कार्य करते हुए अस्पताल की सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया।



