पावटा के प्रागपुरा में मोहर्रम बना कौमी एकता की मिसाल, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा कस्बा

हजरत इमाम हुसैन एवं कर्बला के 72 शहीदों की याद में शुक्रवार को प्रागपुरा कस्बे में मोहर्रम का ऐतिहासिक जुलूस पूरे अकीदत, एहतराम और भाईचारे के माहौल में निकाला गया। जुम्मे की नमाज अदा होने के बाद शाही जामा मस्जिद मोहर्रम चौक से मातमी धुनों, ढोल-ताशों और “या हुसैन-या अब्बास” की सदाओं के बीच जुलूस का शुभारंभ हुआ।

पावटा के प्रागपुरा में मोहर्रम बना कौमी एकता की मिसाल, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा कस्बा
पावटा के प्रागपुरा में मोहर्रम बना कौमी एकता की मिसाल, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा कस्बा

जुलूस सीताराम मार्केट, मुख्य बाजार और विभिन्न मार्गों से होता हुआ सुभाष चौक पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। जुलूस के दौरान महिलाओं ने ताजियों के समक्ष नारियल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मन्नतों की कामना की। पूरे कस्बे में श्रद्धा, आस्था और गम का अनूठा संगम देखने को मिला। विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने तलवारबाजी, लाठीबाजी, पट्टेबाजी तथा पारंपरिक युद्ध कौशल का आकर्षक प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

पावटा के प्रागपुरा में मोहर्रम बना कौमी एकता की मिसाल, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा कस्बा
पावटा के प्रागपुरा में मोहर्रम बना कौमी एकता की मिसाल, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा कस्बा

प्रागपुरा वक्फ बोर्ड कमेटी के सदर आमीन मंसूरी ने बताया कि प्रागपुरा का मोहर्रम राजस्थान ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। जयपुर, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग यहां मोहर्रम मेले और जुलूस में शामिल होने पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि प्रागपुरा का मोहर्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कौमी एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का जीवंत उदाहरण है।

पावटा के प्रागपुरा में मोहर्रम बना कौमी एकता की मिसाल, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा कस्बा
पावटा के प्रागपुरा में मोहर्रम बना कौमी एकता की मिसाल, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा कस्बा

यहां हिंदू और मुस्लिम समाज मिलकर इस परंपरा को वर्षों से निभाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगभग चार सौ वर्षों से चली आ रही यह विरासत आज भी समाज को आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दे रही है। मोहर्रम के अवसर पर कस्बे में विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर भी लगाए गए।

पावटा के प्रागपुरा में मोहर्रम बना कौमी एकता की मिसाल, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा कस्बा
पावटा के प्रागपुरा में मोहर्रम बना कौमी एकता की मिसाल, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा कस्बा

मनीष-बृजेश किताब वाले द्वारा ज्योति मेडिकल के सामने ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जबकि सुभाष चौक पर कमेटी सदस्यों द्वारा मीठे पानी की छबील लगाई गई। वहीं जिंदरान परिवार ने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए गोगाजी मंदिर के पास आगंतुकों एवं ग्रामीणों के लिए निशुल्क भोजन की व्यवस्था की।

कस्बे के मुख्य बाजार में मिठाई, खिलौनों और अन्य आकर्षक दुकानों से मेला सजा रहा। बच्चों, महिलाओं और युवाओं ने झूलों एवं मेले का आनंद लिया। शाम को मगरिब की नमाज से पूर्व ताजियों को परंपरानुसार कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

मोहर्रम मेले एवं जुलूस के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह के निर्देशन में एएसपी नाजिम अली खान के सुपरविजन तथा डीएसपी उमेश कुमार निठारवाल एवं प्रागपुरा थाना प्रभारी भजनाराम के नेतृत्व में पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा।

इस अवसर पर प्रागपुरा नायब सदर अयूब लुहार, वक्फ बोर्ड कमेटी सचिव समीर मोहम्मद, पूर्व सरपंच कैलाश चंद सैनी, कांग्रेस ब्लॉक महामंत्री अजय सैनी, पूर्व जिला पार्षद ललित गोयल, इमरान लुहार, सामाजिक कार्यकर्ता बलवंत मीणा, रहीश खान पावटा, भाजपा जिलाध्यक्ष अब्दुल सत्तार, शाही जामा मस्जिद के इमाम मौलाना बरखाती, ताजियादार इकरामद्दीन शाह, असलम खान फारूखी, बाबू खोकर, रमजान जिंदरान, मुमताज लोहार, सलमान जिंदरान, महमूद लोहार सहित मेला कमेटी के सदस्य, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

मोहर्रम का यह आयोजन एक बार फिर यह साबित कर गया कि प्रागपुरा की पहचान केवल ऐतिहासिक मेले से नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी परंपरा से भी है।

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