पावटा के लाल ने समुद्र की गहराइयों में निभाया राष्ट्रधर्म, 15 साल बाद हुई घर वापसी

भारतीय नौसेना में 15 वर्षों की सेवा पूर्ण करने के बाद पावटा निवासी विनोद कुमार पुत्र दौलतराम सैन सेवानिवृत्त होकर रविवार को कस्बे में लौटे। उनके आगमन पर परिजनों, मित्रों एवं स्थानीय लोगों ने स्वागत-अभिनंदन कर राष्ट्रसेवा के लिए शुभकामनाएं दीं।

पावटा के लाल ने समुद्र की गहराइयों में निभाया राष्ट्रधर्म, 15 साल बाद हुई घर वापसी
पावटा के लाल ने समुद्र की गहराइयों में निभाया राष्ट्रधर्म, 15 साल बाद हुई घर वापसी

विनोद कुमार का 3 अगस्त 2011 को भारतीय नौसेना में चयन हुआ था। कठिन प्रशिक्षण के बाद उन्होंने नौसेना की विभिन्न इकाइयों में सेवाएं दीं। सेवाकाल के दौरान उन्होंने पण्डुब्बी शाखा में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया और समुद्र की गहराइयों में तैनात रहकर देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं।

पावटा के लाल ने समुद्र की गहराइयों में निभाया राष्ट्रधर्म, 15 साल बाद हुई घर वापसी
पावटा के लाल ने समुद्र की गहराइयों में निभाया राष्ट्रधर्म, 15 साल बाद हुई घर वापसी

उन्होंने रूसी मूल की EKM क्लास पण्डुब्बियों पर भी सेवाएं दीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनकी तैनाती आईएनएस सिंधुवीर, सिंधुध्वज, सिंधुकेसरी, सिंधुविजय और सिंधुरत्ना जैसी पण्डुब्बियों पर रही। कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी के दौरान उन्होंने अनुशासन, तकनीकी दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। 3 अगस्त 2026 को 15 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद 31 अगस्त 2026 को वे पूर्व पेटी ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हुए।

पावटा लौटने पर हुए स्वागत के दौरान स्थानीय लोगों ने उनकी राष्ट्रसेवा को क्षेत्र के लिए गौरव बताते हुए युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया। विनोद कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना में रहकर देश की सेवा करने का अवसर उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा। उन्होंने नौसेना के सेवाकाल को जीवन की अमूल्य उपलब्धि बताते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण को सदैव सर्वोपरि रखने की बात कही।

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