समाजसेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके राज्य स्तरीय सम्मानित भामाशाह गुलजारी लाल असवाल ने एक बार फिर सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए ग्राम खेलना स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

गुलजारी लाल असवाल ने कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। यदि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित भविष्य देना है तो आज से ही पौधरोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का संकल्प दिलाया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमचंद मौर्य ने कहा कि गुलजारी लाल असवाल का विद्यालय के प्रति योगदान अनुकरणीय है। उनके सहयोग से विद्यालय में विशाल हॉल, भव्य प्रवेश द्वार, ट्यूबवेल सहित पानी की टंकी जैसी महत्वपूर्ण आधारभूत सुविधाओं का निर्माण हुआ है। इतना ही नहीं, वे समय-समय पर विद्यालय की आवश्यकताओं के अनुरूप सहयोग देकर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके इसी योगदान के लिए उन्हें राज्य सरकार द्वारा राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को वृक्षों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। शिक्षकों ने बच्चों को रोपे गए पौधों की देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से भामाशाह गुलजारी लाल असवाल का साफा एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में भामाशाह प्रेरक मनोज कुमार बुनकर, रामकरण कुलदीप, जितेंद्र सिंह, योगेश मुहानिया, व्याख्याता मालीराम यादव, सुंदरलाल यादव, अविनाश महारानिया, रोहतास पीटीआई, सिकंदर सिंह फोगाट, राजेश असवाल सहित विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।