बाइक सवार महेन्द्र कुमावत की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश

दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोरधनपुरा पुलिया के नीचे रविवार शाम हुए सड़क हादसे में कुजोता निवासी बाइक सवार महेन्द्र कुमावत (45) की जान चली गई। हादसे के बाद क्षेत्र में भारी वाहनों के अनियंत्रित संचालन को लेकर नाराजगी बढ़ गई। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने घटनास्थल के पास धरना शुरू कर दिया। उन्होंने मृतक के परिवार को दो करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी, पुलिस चौकी की स्थापना और स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग रखी। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की समझाइश के बाद शाम को धरना समाप्त हुआ।

बाइक सवार महेन्द्र कुमावत की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश
बाइक सवार महेन्द्र कुमावत की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश

महेन्द्र कुमावत कुम्हारों की ढाणी, कुजोता के निवासी थे और राजनौता रोड पर बिजली के सामान की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे दुकान बंद कर बाइक से घर लौटते समय गोरधनपुरा पुलिया के नीचे ट्रेलर की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया, जहां रविवार शाम पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।

बाइक सवार महेन्द्र कुमावत की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश
बाइक सवार महेन्द्र कुमावत की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश

मृतक के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। उनके परिवार में मां, पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा हैं। परिवार की आजीविका का मुख्य आधार महेन्द्र ही थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही घर में मातम छा गया। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले भैंसलाना मार्ग पर भी एक 21 वर्षीय युवती की सड़क हादसे में जान चली गई थी। लगातार सामने आ रहे हादसों ने भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

बाइक सवार महेन्द्र कुमावत की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश
बाइक सवार महेन्द्र कुमावत की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश

सोमवार सुबह धरने पर बैठे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग और आसपास के मार्गों पर भारी वाहन अनियंत्रित गति से चल रहे हैं। ओवरलोडिंग और रॉन्ग साइड वाहन संचालन पर प्रभावी रोक नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने दुर्घटना में शामिल वाहन को नेशनल लाइम स्टोन कंपनी का बताते हुए कार्रवाई की मांग की।

बाइक सवार महेन्द्र कुमावत की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश
बाइक सवार महेन्द्र कुमावत की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश

पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना ने भी भारी वाहनों के संचालन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी और नेशनल लाइम स्टोन से जुड़े डंपर-ट्रेलर बड़ी संख्या में इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।

धरने की सूचना पर पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना, कांग्रेस नेता सुभाष घोघड़, विक्रम सिंह लीडर, एडवोकेट मुकेश यादव, सेवादल जिलाध्यक्ष एवं सरपंच रघुवीर सिंह यादव, पूर्व सरपंच नेतराम ताखर, कमल खटाना, तारा पूतली, डॉ. अभिलाष मीणा, नरेंद्र यादव, महेंद्र मीणा और विजय स्वामी सहित कई जनप्रतिनिधि व ग्रामीण पहुंचे।

सरूण्ड थाना प्रभारी यशपाल सिंह, कोटपूतली थाना प्रभारी कृष्ण कुमार और तहसीलदार रामधन गुर्जर ने ग्रामीणों से वार्ता की। बाद में एसडीएम योगेश सिंह देवल भी घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना और मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने भी परिवार की मदद करने की बात कही।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि केवल आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उनकी प्रमुख मांगों में पुलिया के पास पुलिस चौकी स्थापित करना, स्पीड ब्रेकर बनवाना, ओवरलोडेड वाहनों पर कार्रवाई और रॉन्ग साइड चलने वाले वाहनों पर नियंत्रण शामिल रहा।

तहसीलदार रामधन गुर्जर ने बताया कि धरने पर बैठे लोगों की मांगें संबंधित दोनों कंपनियों तक पहुंचा दी गई हैं। उनसे ठोस आश्वासन मिलने की उम्मीद जताई गई। शाम पांच बजे से पंचायत चुनाव के मद्देनजर धारा 144 प्रभावी होने, परिजनों की स्थिति और पोस्टमार्टम में हो रही देरी को देखते हुए ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम कराकर महेन्द्र कुमावत का अंतिम संस्कार किया गया।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की कि राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्गों पर भारी वाहनों की नियमित जांच की जाए तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि आमजन और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Author

Leave a Comment