राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा—आधुनिक तकनीक और भारत-जापान सहयोग से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति, उद्योगों एवं संस्थाओं को किया सम्मानित
कोटपूतली-बहरोड़। जिस नीमराणा की पहचान कभी एक छोटे से कस्बे के रूप में थी, आज वही क्षेत्र औद्योगिक विकास और अंतरराष्ट्रीय निवेश के मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। यहां स्थापित उद्योगों ने न केवल क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को विस्तार दिया है, बल्कि रोजगार और विकास की नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं। इसी औद्योगिक यात्रा को नई दिशा देने और भविष्य की संभावनाओं पर मंथन के लिए मंगलवार को ‘राइजिंग नीमराणा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

नीमराणा स्थित एनआईआईटी यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने औद्योगिक विकास के लिए आधुनिक तकनीक, निवेश संवर्धन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नीमराणा वैश्विक औद्योगिक पहचान की ओर अग्रसर है।
नीमराणा इंडस्ट्री एसोसिएशन एवं रेज एक्सपर्ट के संयुक्त तत्वावधान में द टाइम्स ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में औद्योगिक विकास, निवेश विस्तार, भारत-जापान सहयोग और देश की आर्थिक प्रगति से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

आधुनिक तकनीक और निवेश से मजबूत होगा औद्योगिक विकास
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार औद्योगिक विकास और निवेश संवर्धन को गति देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक विनिर्माण तकनीकों को प्रोत्साहित करने और निवेश संबंधी योजनाओं को धरातल पर लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नीमराणा लगातार औद्योगिक क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। आधुनिक तकनीक, निवेश और बेहतर औद्योगिक साझेदारी के माध्यम से इस क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं पैदा की जा सकती हैं।
भारत-जापान सहयोग से खुलेंगे नई संभावनाओं के रास्ते
राज्यपाल ने भारत और जापान के आर्थिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि जापानी उद्योगों एवं निवेश को प्रोत्साहित करना, औद्योगिक साझेदारी का विस्तार करना और आयात-निर्यात को अधिक प्रभावी बनाना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने भारत में बुलेट ट्रेन सहित विभिन्न क्षेत्रों में जापान की ओर से दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों, विकास यात्रा और तकनीकी नवाचार में पारस्परिक सहयोग की भूमिका पर प्रकाश डाला।
राज्यपाल ने भारतीय इतिहास, संस्कृति, नैतिक मूल्यों, समृद्ध परंपराओं और शिक्षा को देश की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए इनके संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने सभी से समन्वय और सहयोग के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए ‘देश प्रथम’ की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।
औद्योगिक विकास में योगदान देने वालों का सम्मान
‘राइजिंग नीमराणा’ कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने नीमराणा एवं कोटपूतली-बहरोड़ जिले के औद्योगिक विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्योगों, संस्थाओं और विशिष्ट व्यक्तित्वों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया।
सम्मान समारोह में नीमराणा में स्थापित शुरुआती उद्योगों, जापानी औद्योगिक क्षेत्र के प्रारंभिक उद्योगों, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन एवं विरासत संरक्षण तथा औद्योगिक विकास में योगदान देने वाले उद्योगों एवं संस्थाओं को सम्मान प्रदान किए गए।
इस अवसर पर राज्यपाल ने ‘नीमराणा दर्पण’ पुस्तिका का विमोचन भी किया।

पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। राज्यपाल का गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता, जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह, नीमराणा औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल कौशिक, द टाइम्स ऑफ इंडिया के निदेशक अनुराग अग्रवाल, एनआईआईटी के मुख्य परिचालन अधिकारी एवं डीन मेजर जनरल ए.के. सिंह, डाइकिन के निदेशक सुदीप भट्टाचार्य, निप्पॉन स्टील के प्रबंध निदेशक श्री तानिडा तथा कार्यक्रम समन्वयक निर्मल रस्तोगी सहित विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि, उद्योगपति एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
