नगर निकाय चुनाव के बीच वार्ड 32 से भाजपा प्रत्याशी बुद्धराम गढ़वाल के लापता होने के मामले में शुक्रवार को बड़ा अपडेट सामने आया। करीब 48 घंटे की तलाश के बाद पुलिस ने उन्हें दिल्ली के धौला कुआं क्षेत्र से सकुशल दस्तयाब कर लिया। पुलिस के अनुसार बुद्धराम फिलहाल पुलिस के साथ हैं और उनकी तबीयत कुछ खराब बताई जा रही है।

प्रागपुरा थानाधिकारी भजनाराम के अनुसार बुद्धराम के लापता होने के बाद पुलिस ने अलग-अलग संभावित स्थानों पर उनकी तलाश शुरू की थी। जांच के दौरान उनके मोबाइल से जुड़े तकनीकी इनपुट तथा विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। पुलिस को बहरोड़, कोटपूतली, दिल्ली और अलवर सहित अलग-अलग स्थानों से लोकेशन संबंधी संकेत मिले। इन्हीं इनपुट को जोड़ते हुए पुलिस की टीमें दिल्ली पहुंचीं और धौला कुआं क्षेत्र से बुद्धराम को सुरक्षित बरामद किया।

पुलिस ने इस मामले में पहले ही पांच टीमें गठित कर रखी थीं। टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के जरिए लगातार तलाश जारी रखी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में फिलहाल अपहरण अथवा किसी प्रकार के दबाव की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति बुद्धराम से पूछताछ और आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। बुद्धराम के पुत्र राहुल चौधरी ने पुलिस की उस प्रारंभिक धारणा पर सवाल उठाए हैं, जिसमें उनके पिता के अपनी इच्छा से अलग-अलग स्थानों पर जाने की बात सामने आ रही है।

राहुल का कहना है कि यदि बुद्धराम स्वेच्छा से गए थे तो इसके पीछे कारण क्या था, यह भी सामने आना चाहिए। परिवार की ओर से पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जांच की मांग की गई है। बुद्धराम के लापता होने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था।

वार्ड 32 से कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश देवी अपने पति मेहर सिंह धनखड़ और पुत्र के साथ प्रागपुरा थाने पहुंची और बुद्धराम की सुरक्षित बरामदगी की मांग को लेकर थाने में धरने पर बैठी थीं। इसके बाद विराटनगर के पूर्व विधायक एवं कोटपूतली-बहरोड़ कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंद्राज गुर्जर भी थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर शीघ्र बरामदगी की मांग की थी।

कमलेश देवी और इंद्राज गुर्जर ने डीएसपी उमेश कुमार निठारवाल को ज्ञापन भी सौंपा था। अब बुद्धराम के सकुशल मिलने के बाद पुलिस के सामने अगली चुनौती यह पता लगाने की है कि वे पावटा से निकलने के बाद किन परिस्थितियों में दिल्ली पहुंचे और इस दौरान उनके साथ क्या घटनाक्रम हुआ। पुलिस बुद्धराम के बयान और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।