हरियाणा-राजस्थान सीमा से सटे महेंद्रगढ़ जिले के निजामपुर थाना क्षेत्र के ब्राह्मणवास नौ स्थित प्रसिद्ध श्री बाबा रामेश्वरदास धाम में समाधि स्थल पर स्थापित बाबा रामेश्वरदास जी की प्राचीन आदमकद प्रतिमा हटाए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। मामले में ट्रस्ट के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता की शिकायत पर निजामपुर थाना पुलिस ने ट्रस्ट के प्रधान सुरेश कुमार केड़िया सहित कई नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता और अन्य ट्रस्टियों का आरोप है कि समाधि स्थल पर वर्षों से स्थापित बाबा रामेश्वरदास जी की प्रतिमा को बिना सभी ट्रस्टियों की सहमति और श्रद्धालुओं को विश्वास में लिए हटाकर ले जाया गया। इस घटनाक्रम के बाद ट्रस्टियों के साथ श्रद्धालुओं में भी नाराजगी है।

ट्रस्टियों के अनुसार मंदिर ट्रस्ट में कुल 11 सदस्य हैं। 3 अगस्त 2026 को हुई ट्रस्ट की बैठक में नौ सदस्य मौजूद थे। इनमें से सात ट्रस्टियों ने समाधि पर स्थापित वर्तमान प्रतिमा को हटाने अथवा बदलने का विरोध किया था तथा प्रतिमा को यथास्थान रखने के पक्ष में अपनी सहमति जताई थी।

आरोप है कि बैठक में विरोध के बावजूद 2 सितंबर को प्रतिमा को समाधि स्थल से हटाकर वाहन के माध्यम से ले जाया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कार्रवाई के दौरान मंदिर के गेट बंद कर श्रद्धालुओं को बाहर कर दिया गया और इसके बाद प्रतिमा को वहां से हटाया गया।

ट्रस्टियों ने बताया कि बाबा रामेश्वरदास धाम क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है और बाबा रामेश्वरदास जी को श्रद्धालु सिद्ध संत के रूप में मानते हैं। उनके ब्रह्मलीन होने के बाद समाधि पर विधि-विधान से उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई थी। लंबे समय से श्रद्धालु इस प्रतिमा के दर्शन करते आ रहे हैं।

ट्रस्टियों का कहना है कि प्रतिमा केवल मंदिर की संपत्ति नहीं, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक भावना से जुड़ा प्रतीक है। ऐसे में बिना सहमति प्रतिमा हटाने की कार्रवाई से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
मूर्ति बदलने की आशंका को लेकर ट्रस्ट के सात सदस्यों ने पहले ही जिला उपायुक्त महेंद्रगढ़ और जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। ट्रस्टियों ने अधिकारियों से प्रतिमा की यथास्थिति बनाए रखने और कथित रूप से उसे बदलने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद प्रतिमा हटाए जाने की शिकायत पुलिस तक पहुंची। सूचना मिलने पर निजामपुर थाना पुलिस की टीम एसआई विजेंद्र कुमार के नेतृत्व में मौके पर पहुंची, जहां समाधि स्थल पर स्थापित आदमकद प्रतिमा वहां नहीं मिली।
पुलिस ने उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता की लिखित शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(D), 298, 299 और 61(2) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया है। शिकायत में जयपुर निवासी ट्रस्ट प्रधान सुरेश केड़िया, खरखड़ा-पाटन निवासी हरदयान, बसई निवासी नरेंद्र जांगड़ा, नांगलिया निवासी नाथजोगी समेत अन्य लोगों पर प्रतिमा हटाने की कथित साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।
निजामपुर थाना प्रभारी धर्मसिंह ने बताया कि उपप्रधान की शिकायत के आधार पर पांच-छह नामजद लोगों सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों, संबंधित लोगों के बयान और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
मामले में ट्रस्ट प्रधान सुरेश कुमार केड़िया का पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।
यह मामला अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ ट्रस्ट के भीतर निर्णय प्रक्रिया और प्रतिमा हटाने की वैधानिकता को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रतिमा हटाने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में और किसकी अनुमति से की गई।