पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। क्षेत्र में दहेज प्रथा के खिलाफ एक प्रेरक और अनुकरणीय उदाहरण सामने आया है। जहां आज भी कई स्थानों पर विवाह दिखावे और दहेज के बोझ तले दबते दिखाई देते हैं, वहीं लाडाकाबास निवासी अशोक कुमार शर्मा और लता देवी ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए अपने पुत्र अभिषेक और निखिल की सगाई मात्र एक रुपया और नारियल लेकर संपन्न की।

यह सगाई भांकरी निवासी कांता देवी और बृजेश कुमार शर्मा की पुत्रियों प्रिया और खुशी के साथ सम्पन्न हुई। समारोह सादगी, संस्कार और सामाजिक जागरूकता का जीवंत उदाहरण बन गया।

दूल्हों के पिता अशोक कुमार शर्मा ने स्पष्ट कहा कि बेटी किसी पर बोझ नहीं होती और विवाह एक पवित्र बंधन है, जिसे दहेज जैसी कुप्रथा से जोड़ना समाज के लिए घातक है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना और युवाओं को दहेज के खिलाफ जागरूक करना है।

समारोह में उपस्थित ग्रामीणों, गणमान्य व्यक्तियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय की खुलकर सराहना की। लोगों ने इसे समाज सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यदि हर परिवार इसी सोच को अपनाए, तो दहेज जैसी कुरीति स्वतः समाप्त हो सकती है।

यह सगाई समारोह इस बात का प्रमाण बन गया कि रिश्तों की मजबूती धन-दौलत से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, विश्वास और संस्कारों से तय होती है। यह पहल पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरक मिसाल बनकर उभरी है।




