कोटपूतली में राजमार्ग स्थित मोरीजावाला धर्मशाला में रविवार को सुबेदार कैलाश चन्द की अध्यक्षता में संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं संत गाडगे महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

संरक्षक बद्री प्रसाद चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि संत गाडगे महाराज मानवता, शिक्षा और स्वच्छता के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने जीवनभर समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और परोपकार को अपना धर्म माना। चौहान ने बताया कि गाडगे महाराज ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को सामाजिक न्याय का सेनापति माना था। अंबेडकर के निधन के पश्चात वे गहरे आहत हुए और कुछ ही दिनों बाद उनका भी देहावसान हो गया।

समिति के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण कन्नौजिया ने कहा कि संत गाडगे महाराज का जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक एकता के उनके संदेश को व्यवहार में उतारकर ही सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों एवं आगंतुकों के साथ समाज सुधार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
निर्णय लिया गया कि आगामी बैठक में इन बिंदुओं पर ठोस कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन समाज सेवा और जनजागरण के संकल्प के साथ किया गया।
इस अवसर पर मीडिया प्रभारी पुष्पेन्द्र कुमार बसीठा, लालचंद चौहान, मामचंद मंडोवरा, शिम्भूदयाल महावर, रोहिताश मंडोवरा, अशोक पंवार, जगदीश मंडोवरा, परमानंद, रामकिशन, हरफूल, सत्यनारायण मंडोवरा, हंसराज बेनिवाल, जितेन्द्र देवतवाल, कृष्णकांत मंडोवरा, धीरज मंडोवरा, लालाराम पंवार, फूलचंद चौहान सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे।



