कस्बे में सोमवार को राजमार्ग स्थित होटल होलिडे फन रिसोर्ट में व्यापारियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाईकोर्ट के निर्देशानुसार राजमार्ग के केंद्र बिंदु से 75 मीटर की परिधि में आने वाले मकानों, दुकानों और अन्य व्यावसायिक निर्माणों को हटाने की संभावित कार्रवाई का तीव्र विरोध दर्ज कराया गया।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि 75 मीटर नियम को सख्ती से लागू किया गया तो पावटा के सैकड़ों छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। वर्षों से संचालित प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की आशंका से व्यापार जगत में असुरक्षा और चिंता का माहौल है। व्यापारियों ने इसे जनहित के विपरीत बताते हुए राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की।

भाजपा नेता गोपाल अग्रवाल एवं एससी मोर्चा के जिलाध्यक्ष बद्री प्रसाद चौहान ने कहा कि इस निर्णय से दशकों पुराने व्यापारिक प्रतिष्ठान प्रभावित होंगे और हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 25 फरवरी को जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।
वहीं 26 फरवरी को प्रातः 10:30 बजे सभी व्यापारी रामवतार कॉम्प्लेक्स के सामने एकत्रित होकर पावटा छोटे अंडरपास से पैदल मार्च करते हुए पावटा उपखंड अधिकारी साधना शर्मा को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन देंगे तथा एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेंगे।
इस मौके पर राधेश्याम जांगिड़, याशीन खान और महेश जांगिड़ ने व्यापारियों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए इसे “अस्तित्व की लड़ाई” बताया। उन्होंने नियम के कानूनी और आर्थिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए चेताया कि यदि सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
व्यापारियों का कहना है कि इस निर्णय से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है। इसे हजारों परिवारों की जीविका पर सीधा प्रहार बताया गया।



