पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। राजस्व रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं और न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना को लेकर पावटा बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा हैं। अभिभाषक संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए मंगलवार, 07 अप्रैल 2026 को राजस्व न्यायालय उपखण्ड पावटा में एक दिवसीय वर्क सस्पेंड का ऐलान किया।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट रामनिवास यादव ने बताया कि नवनिर्मित सिविल न्यायालय परिसर से सटे खसरा संख्या 2220/2737 को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त भूमि पर सिविल न्यायालय द्वारा किसी प्रकार का कोई स्थगन आदेश पारित नहीं किया गया है, इसके बावजूद राजस्व रिकॉर्ड में बिना आधार के स्थगन नोट दर्ज कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में बार-बार लिखित रूप से अवगत कराने के बावजूद भी राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं, उपखण्ड न्यायालय द्वारा खातेदारी भूमि के संबंध में स्थगन आदेश पारित होने के बावजूद भी तहसीलदार एवं सब-रजिस्ट्रार स्तर पर विक्रय पत्रों का पंजीकरण किया जा रहा है, जो न्यायालय के आदेशों की खुली अवहेलना है।
एडवोकेट रामनिवास यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस प्रकार की कार्यप्रणाली से न केवल खातेदारों के साथ अन्याय हो रहा है, बल्कि आमजन का न्यायालय और न्याय व्यवस्था से विश्वास भी कमजोर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेशों की लगातार अनदेखी के विरोध में आज समस्त अधिवक्ताओं ने राजस्व न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया है। इस दौरान अधिवक्ताओं ने प्रशासन से जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
इस निर्णय के चलते मंगलवार को राजस्व न्यायालय में कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा और अधिवक्ताओं की एकजुटता ने प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया।


