जिला कोटपूतली बहरोड में पंचायत चुनाव का तीसरा चरण आज: बहरोड़, नीमराणा, विराटनगर और मैड-कुण्डला पंचायत समिति क्षेत्रों में सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगी वोटिंग, जिला निर्वाचन अधिकारी अपर्णा गुप्ता ने निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की

कोटपूतली-बहरोड़। गांवों की सरकार चुनने की लोकतांत्रिक प्रक्रिया अब अपने तीसरे चरण में पहुंच गई है। गुरुवार, 5 नवम्बर को जिले की बहरोड़, नीमराणा, विराटनगर एवं मैड-कुण्डला पंचायत समिति क्षेत्रों की 108 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान होगा। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर गांवों की अगुवाई करने वाले प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। चुनाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं और प्रत्याशी अपने पक्ष में अधिकाधिक मतदान कराने की कोशिशों में जुटे हैं।
इस चरण के चुनाव में सरपंच पद के आंकड़े भी मुकाबले की तस्वीर सामने रखते हैं। निर्वाचन संबंधी आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार चारों पंचायत समिति क्षेत्रों की 108 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए कुल 1,245 नामांकन दाखिल किए गए थे। इनमें से 1,241 नामांकन वैध पाए गए। नाम वापसी के बाद 816 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए। किसी भी उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित नहीं किया गया। ऐसे में सभी 108 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए मतदाताओं के फैसले पर सबकी निगाहें रहेंगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पर्व में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदान केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि गांव के भविष्य और विकास की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रत्येक मत की अपनी अहमियत है और मतदाताओं की जागरूक भागीदारी से ही स्थानीय लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है।
उन्होंने मतदाताओं से बिना किसी भय, दबाव अथवा प्रलोभन के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से मतदान करने का आह्वान किया। विशेष रूप से युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं मतदान करें और अपने परिवारजनों तथा आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी मतदान संपन्न करवाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने मतदाताओं से निर्धारित समय पर अपने मतदान केंद्र पहुंचकर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए मतदान करने की अपील की है।
गौरतलब है कि पंच और सरपंच का चुनाव ग्रामीण जीवन से सीधे जुड़ा होता है। गांव की सड़क, पेयजल, सफाई, नाली, रोशनी और विकास कार्यों से जुड़े फैसलों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में गुरुवार को 108 ग्राम पंचायतों के मतदाताओं का फैसला केवल उम्मीदवारों की जीत-हार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में गांवों के विकास की दिशा भी तय करेगा।
