कस्बे में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगरपालिका की ओर से प्रागपुरा में होली चौक से गणेश विहार कॉलोनी होते हुए मुख्य राजमार्ग तक लगाए गए विद्युत पोलों पर वायरिंग का काम पूरा किए जाने के बावजूद सड़क पर रात के समय रोशनी की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।

लंबे समय से बंद पड़ी व्यवस्था के बीच कई स्थानों पर पोल क्षतिग्रस्त होने और कुछ पोल उखड़कर नीचे गिरने की जानकारी सामने आई है। इससे लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब योजना का उद्देश्य सड़क को रोशन कर आमजन को सुविधा देना था तो व्यवस्था शुरू होने से पहले ही उसके रखरखाव की स्थिति इतनी खराब कैसे हो गई।

स्थानीय निवासियों के अनुसार रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को अंधेरे के कारण परेशानी होती है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को विशेष रूप से सावधानी बरतनी पड़ती है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक धन से तैयार की गई किसी भी योजना की सफलता केवल निर्माण कार्य पूरा होने से नहीं, बल्कि उसके नियमित संचालन और उपयोगिता से तय होती है।
नगरीय निकाय चुनावों की नई तारीखें घोषित होने के साथ प्रदेश में आचार संहिता लागू हो चुकी है, इसलिए नागरिकों का कहना है कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के बजाय संबंधित प्रशासनिक स्तर पर नियमों के अनुसार समाधान किया जाना चाहिए।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त पोलों की स्थिति का जायजा लेकर उन्हें सुरक्षित कराया जाए और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था शुरू करने में जो भी वैधानिक प्रक्रिया या तकनीकी अड़चन है, उसे दूर किया जाए। नागरिकों का कहना है कि चुनावी दौर में नई योजनाओं के दावों से पहले उन सुविधाओं का लाभ जनता तक पहुंचना चाहिए, जिन पर काम पहले ही किया जा चुका है।