सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश उर्फ गन्नी भाई ने यूजीसी कानून को शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा है कि यह कानून एससी/एसटी और ओबीसी वर्ग के युवाओं के लिए नई उम्मीद की किरण साबित होगा। उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए शिक्षा में बराबरी बेहद जरूरी है और यूजीसी कानून इसी दिशा में ठोस पहल है।

गन्नी भाई ने कहा कि लंबे समय से वंचित वर्गों को शिक्षा के क्षेत्र में जिन असमानताओं का सामना करना पड़ रहा था, उन्हें दूर करने में यह कानून कारगर साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूजीसी कानून लागू हुआ तो ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के युवाओं को उच्च शिक्षा में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा। शिक्षा के माध्यम से ही समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाया जा सकता है और उन्हें मुख्यधारा में जोड़ा जा सकता है।
गन्नी भाई ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि यूजीसी कानून से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और समानता का वातावरण मजबूत होगा।
इस दौरान कई सामाजिक संगठनों और युवाओं ने भी उनके विचारों का समर्थन करते हुए इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली पहल बताया।


