पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। कृषि आदान (खाद, बीज एवं कीटनाशक) व्यापारियों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को पावटा कस्बे में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। राजस्थान एग्रीकल्चरल इनपुट डीलर्स एसोसिएशन, जयपुर एवं राष्ट्रीय संगठन Agro Input Dealers Association (AIDA), नई दिल्ली के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल में पावटा, प्रागपुरा, मंढा, भांकरी सहित आसपास के क्षेत्रों की सभी खाद-बीज की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं।

एसटी प्रकोष्ठ के जिला महासचिव एवं खाद-बीज विक्रेता समिति के तहसील अध्यक्ष सुरेन्द्र मीणा के नेतृत्व में व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पावटा तहसीलदार लोकेन्द्र कुमार मीणा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने पिछले कई वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

इस दौरान सुरेन्द्र मीणा ने कहा कि “देशभर के करीब 5 लाख कृषि आदान व्यापारी लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक और व्यावसायिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन बार-बार निवेदन के बावजूद समाधान नहीं हो रहा। मजबूर होकर आज हमें सांकेतिक हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।”
व्यापारियों ने अपनी प्रमुख मांगों में खाद पर जबरन टैगिंग पर रोक, डीलर मार्जिन बढ़ाकर न्यूनतम 8 प्रतिशत करने, उर्वरकों की डिलीवरी सीधे बिक्री केंद्र तक सुनिश्चित करने, ‘साथी’ पोर्टल में राहत देने, एक्सपायर्ड कीटनाशकों की वापसी को अनिवार्य करने, लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने एवं झूठी शिकायतों पर रोक हेतु जिला स्तर पर जांच कमेटी गठित करने जैसी मांगें प्रमुख रूप से उठाईं।
संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आगामी खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लेना पड़ सकता है, जिससे कृषि व्यवस्था और किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी व्यापारियों ने एकजुटता का संकल्प लेते हुए सरकार से मांग की कि किसानों और व्यापारियों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि कृषि क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
इस मौके पर हनुमान प्रसाद सैनी, मुकेश कुमार गुप्ता, रोहिताश यादव, अमित सैनी, सुनिल अग्रवाल, अरुण गुप्ता, लीलाराम गुरुजी, मदन यादव, मोहन लाल गुप्ता, कन्हैया लाल मीणा, सतीश यादव, दशरथ स्वामी, प्रदीप मित्तल, राकेश मीणा, मालीराम, प्रकाश चंद मीणा सहित अनेक व्यापारी मौजूद रहे।



