पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। कस्बे में सोमवार को ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर गोवंश के संरक्षण को लेकर जागरूकता का सशक्त संदेश दिया गया। राजस्थान गौ सेवा समिति के तत्वावधान में निरंकारी भवन पावटा के सामने से पावटा उपखंड एवं तहसील कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर गोभक्तों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की तथा जिला सचिव कैलाश चंद स्वामी के नेतृत्व में पावटा तहसीलदार लोकेन्द्र कुमार मीणा को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपे गए।

इस अवसर पर जिला सचिव कैलाश चंद स्वामी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि गोवंश भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है, जिसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ देश की 5410 तहसीलों में एक साथ संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से केंद्र व राज्य सरकारों तक गो संरक्षण से जुड़े सुझाव और समाधान पहुंचाए जा रहे हैं।

पांचूडाला श्रीराम गौसेवा समिति के संरक्षक एवं जिला उपाध्यक्ष लालचंद मीणा ने कहा कि वर्तमान में गौवंश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने गौशालाओं की व्यवस्थाओं को मजबूत करने, सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशुओं के लिए स्थायी आश्रय की व्यवस्था करने और प्रभावी नीतियों के क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया।

जिला संरक्षक जगमाल सिंह यादव ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी गहराई से जुड़ा हुआ मुद्दा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। भामाशाह बजरंग लाल चौधरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और कृषि व्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन वर्तमान में वह विकट परिस्थितियों का सामना कर रही है। उन्होंने समाज से एकजुट होकर गौ संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के माध्यम से गोभक्तों ने सरकार से मांग की कि गोवंश के संरक्षण के लिए ठोस और प्रभावी नीतियां लागू की जाएं, जिससे इस सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। इस दौरान किशन लाल गुरुजी, हिम्मत सिंह शेखावत, रोहिताश राठी, गोदराज, महेश कुमार, जगदीश यादव, लक्ष्मीनारायण स्वामी, गोपाल मंगल, धर्मपाल, सीताराम, किशन सिंह, विरेन्द्र सिंह, राजकुमार सहित पावटा उपखंड क्षेत्र की विभिन्न गौशालाओं से जुड़े गणमान्य लोग मौजूद रहे।


