कोटपूतली सेशन कोर्ट में टीन शेड का अभाव, अधिवक्ता खुले आसमान के नीचे तपने को मजबूर

न्यूज़ चक्र, कोटपूतली। कोटपूतली कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं और पक्षकारों को इन दिनों भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है। कोर्ट परिसर में टीन शेड की अनुपलब्धता के चलते सैकड़ों अधिवक्ता खुले आसमान के नीचे तपती धूप में बैठने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि न सिर्फ अधिवक्ता बल्कि उनके साथ आए परिवादी और पक्षकार भी कड़ी धूप में बेहाल नजर आ रहे हैं।

कोटपूतली सेशन कोर्ट में टीन शेड का अभाव, अधिवक्ता खुले आसमान के नीचे तपने को मजबूर

जानकारी के अनुसार, ADJ कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के लिए टीन शेड निर्माण का कार्य विधायक कोटे से स्वीकृत किया गया था। प्रारंभ में इसका टेंडर पीडब्ल्यूडी विभाग को सौंपा गया था, लेकिन बाद में यह कार्य पंचायत समिति को हस्तांतरित करवा दिया गया। टेंडर प्रक्रिया के फेरबदल और विभागीय उलझनों के चलते कार्य की शुरुआत आज तक नहीं हो पाई है।

कोटपूतली सेशन कोर्ट में टीन शेड का अभाव, अधिवक्ता खुले आसमान के नीचे तपने को मजबूर

अधिवक्ताओं का कहना है कि नई टीन शेड लगाने की योजना के तहत पहले से मौजूद टीन शेड को हटा दिया गया था, जिससे जो थोड़ी-बहुत व्यवस्था थी, वह भी ध्वस्त हो गई। नतीजतन, बीते दो महीने से कोर्ट परिसर में न तो छांव की कोई व्यवस्था है और न ही कोई वैकल्पिक समाधान।

नाराज अधिवक्ताओं ने कहा कि सिर्फ शिलान्यास करने से काम नहीं चलता, ज़मीन पर काम होता नजर आना चाहिए। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र टीन शेड निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन और धरने पर बैठने को विवश होंगे।

कोटपूतली सेशन कोर्ट में टीन शेड का अभाव, अधिवक्ता खुले आसमान के नीचे तपने को मजबूर

पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष दयाराम ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि अधिवक्ताओं को जिस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही कार्य शुरू होगा और अधिवक्ताओं को गर्मी से राहत मिलेगी।

वहीं अधिवक्ताओं का यह भी कहना है कि जनप्रतिनिधि केवल उद्घाटन और फीता काटने तक ही सीमित रह गए हैं, लेकिन धरातल पर काम को अंजाम तक नहीं पहुंचा पाते। ऐसी स्थिति में आमजन और न्याय के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

अब देखना यह होगा कि क्या पंचायत समिति जल्द कार्यवाही करते हुए टीन शेड निर्माण का कार्य प्रारंभ करवा पाती है, या अधिवक्ताओं को विरोध का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा।

Author

  • Vikas Verma

    विकास वर्मा News Chakra के संस्थापक, संपादक (Editor) और प्रकाशक (Publisher) हैं। वे पिछले 24 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हुए हैं और स्थानीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक जनसरोकार से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।

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